Loading

02 April 2017

वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित

ओढ़ां
गांव पन्नीवाला मोटा के जय भारत हाई स्कूल में मार्च माह में आयोजित सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया गया।
परिणाम घोषित करते हुए स्कूल मुख्याध्यापक कुलदीप सिंह सहारण ने नर्सरी से 10 वीं तक प्रत्येक कक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाईयां और शुभकामनाएं दी गई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जो बच्चे इस बार पोजीशन हासिल करने से वंचित रह गए, वे निराश न होकर सकारात्मक उर्जा के साथ अगली कक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए नियमित कक्षाएं आज से प्रारंभ हो रही हैं। इस मौके पर स्कूल स्टाफ विनोद कस्वां, अमर सिंह भारी, राकेश वर्मा, प्रवीन कस्वां, सतवीर भारी, नवाब, पूजा, संतोष, हिना और कविता सहित विद्यार्थी व अभिवावकगण मौजूद थे।

शिक्षा व अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी सम्मानित

स्कूल का वार्षिक पारितोषिक सम्मान समारोह आयोजित
ओढ़ां


गांव पन्नीवाला मोटा के आदर्श मिडल पब्लिक स्कूल का वार्षिक पारितोषिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित पूर्व सरपंच दाताराम नंबरदार ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
मुख्यातिथि द्वारा प्रत्येक कक्षा में वर्ष 2015-16 प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर प्राप्त करने तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रतिभा सभी में होती है, आवश्यकता है उस प्रतिभा को सामने लाने तथा प्रोत्साहित करने की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रतिभा में निखार लाने तथा उन्हें आगे बढऩे के उचित अवसर प्रदान करने में वे हमेशा तत्पर रहेंगे। उनके अतिरिक्त प्रदीप बैनिवाल, महेन्द्र कुमार और शकर लाल ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ की ओर से अतिथियों, गणमान्य ग्रामीणों व अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन व आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़कर सुनाई। इससे पूर्व छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस मौके पर समाज सेवी दीपक, सुरेश, संदीप, जगदीश, शिशपाल, नरेश, महेन्द्र, बलराम, विनोद, सुरेन्द्र, विनोद, सुरेन्द्र, रवि सहित गोल्डन स्टार युवा कल्ब सदस्य, ओलंपिक फुटबाल एंड स्पोर्टस युवा कल्ब सदस्य, स्कूल स्टाफ, गणमान्य ग्रामीण, अभिभावक तथा विद्यार्थी मौजूद थे।

शत प्रतिशत उपस्थिति वाले विद्यार्थी होंगे सम्मानित

स्कूल के नए सत्र के शुभारंभ हवन यज्ञ आयोजित

ओढ़ां
राजकीय उच्च विद्यालय आनंदगढ़ के नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ पर ग्राम पंचायत द्वारा हवन यज्ञ का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गांव की सरपंच दीपिका गोदारा, गांव के गणमान्य लोगों तथा उपस्थित अध्यापकों द्वारा हवन यज्ञ में आहुति डालकर स्कूल विद्यार्थियों व गांववासियों के लिए नववर्ष के मंगल की कामना की। इस अवसर पर सरपंच दीपिका गोदारा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नारी शिक्षा को बढावा देने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढाओ का नारा दिया है तथा सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के लिए अनेक लाभ कारी योजनाएं शुरू की है जिनका अधिक से अधिक लाभ लेने हेतु अभिभावकों को चहिए कि वे अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में करवाएं। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम संतोषजनक रहा है। इस अववर पर शिक्षा, खेलों व अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि नए सत्र के दौरान जिन विद्यार्थियों की विद्यालय में उपस्थिति शत-प्रतिशत होगी, ग्राम पंचायत उनको विशेष रूप से पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित करेगी। इस मौके पर पर विद्यालय की ओर से अभिभावकों व अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस मौके पर नंबरदार भोजराज, एसएमसी प्रधान हनुमान, शीशपाल, रिसाल सिंह, शेर सिंह और जगदीश गोदारा सहित सभी स्टाफ सदस्य व विद्यार्थी मौजूद थे।

वायरल के कारण बीमारी फैलने से सैकड़ों पशु बीमार, अनेक ने दम तोड़ा

पशुपालन विभाग ने लिया तुरंत एक्शन, 75 प्रतिशत पशु खतरे से बाहर
ओढ़ां
गांव बनवाला में पशुओं में किसी वायरल के कारण बीमारी फैलने के चलते अनेक पशुओं की मृत्यु होने का मामला प्रकाश में आया है। इतने पशुओं की अचानक मृत्यु होने पर पशु चिकित्सकों द्वारा इसकी सूचना डिप्टी डायरेक्टर सुशील कुमार गोदारा को दी गई। विभाग ने तुरंत एक्शन लिया और डिप्टी डायरेक्टर ने 10 वैटनरी सर्जन व 20 वीएलडीए पर आधारित टीम के साथ स्वयं गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते हुए बीमार पशुओं को उपचार उपलब्ध करवाया। टीम ने गांव के 13 वार्डों में घर घर जाकर पशुओं का उपचार करते हुए स्थिति का नियंत्रित कर लिया है।
एसडीओ डॉ. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि बीमारी से ग्रस्त डेढ़ सौ के लगभग पशुओं में से 75 प्रतिशत पशु खतरे की स्थिति से बाहर आ चुके हैं तथा शेष 25 प्रतिशत को टीम द्वारा उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीम के साथ डिप्टी डायरेक्टर स्वयं घर घर जाकर पशुओं की जांच कर रहे हैं तथा पशुओं को वैक्सीन भी दी जा रही है क्योंकि अभी पता नहीं चला है कि वायु में प्रदूषण था अथवा दवा में कमी थी। उन्होंने बताया कि आसपास के गांवों में भी रोग ग्रस्त पशु मिले हैं।
बीमारी के लक्षण बताते हुए उन्होंने कहा कि मूंह से लार टपकना, बुखार आना, जकड़पन, बदबू आना आदि लक्षणों के साथ पशु खाना पीना बंद कर देता है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के लक्षण किसी पशु में दिखाई दें तो पशुपालक अबिलंब चिकित्सक से संपर्क करके पशु को उचित उपचार उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि पशुओं को साफ स्थान पर रखें तथा नियमित रूप से जांच करवाते रहें।

भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद गीता में संसार को दुखालय कहा है : स्वामी विजयानंद गिरी

नुहियांवाली की श्रीरामभक्त हनुमान गोशाला में श्रीरामकथा एवं दुर्लभ सत्संग

ओढ़ां
खंड के गांव नुहियांवाली में श्रीरामकथा एवं दुर्लभ सत्संग के दौरान स्वामी विजयानंद गिरी ने कहा कि दुख कोई नहीं चाहता सब सदैव सुखी रहना चाहते हैं जबकि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवद गीता में इस संसार को दुखालय कहा है। जैसे वस्त्रालय से विभिन्न प्रकार के वस्त्रों के अलावा कुछ नहीं मिलता उसी प्रकार संसार में जीव को विभिन्न प्रकार के दुखों के अतिरिक्त कुछ नहीं मिलता। महापुरूषों ने स्वयं देखा और पाया कि संसार में सुख नहीं सुखों की भ्रांती है। सुख की चाह में संसार का प्राणी जितने ज्यादा हाथ पैर मारता है वो उतना ही दुखों की दलदल में धंसता चला जाता है। पैदल व्यक्ति को साइकिल वाला, साइकिल वाले को बाईक वाला तथा बाईक वाले को कार वाला सुखी लगता है जबकि कार वाला तो इतना दुखी है कि सोने के लिए भी नींद की गोली खाता है अत: कार वाले से तो पैदल सुखी है जो चैन की नींद तो सोता है, यही सुख की भ्रांती है तथा वास्तव में कोई सुखी नहीं है। संत कहते हैं 'कोई तन दुखी कोई मन दुखी कोई धन के बिना उदास, थोड़े थोड़े सब दुखी पर सुखी राम के दासÓ। अर्थात यदि संसार में रहते हुए सुख चाहते हैं तो हृदय से प्रभु को अपना लो।
स्वामी जी ने कहा कि सुख की लालसा में प्राणी इस वसुंधरा पर ऐसे ऐसे पाप कर्म करने लगा है कि वर्णन करने में संकोच होता है। एक बार जब मनुष्य की तुलना पशुओं से की गई तो पशु नाराज हो गए और बोले कि हम तो अपने पूर्वजों से सीख लेकर मेहनत करते हुए इस जन्म में पुण्य कर्म कर अपने पूर्व कर्मों का प्रायश्चित कर ऊपर को जा रहे हैं जबकि मनुष्य नित नए पाप करते हुए निरंतर नीचे को जा रहा है अत: मनुष्य जैसे आकंठ पाप में डूबे प्राणी से हमारी तुलना हमारे साथ अन्याय है। आपने देखा ही होगा कि आजकल गिद्ध दिखाई नहीं देते क्योंकि वे लुप्त हो गए हैं। आज संसार में पाप का पैमाना इस कदर भर गया है कि गंगा मैया शीघ्र ही लुप्त हो जाएगी तथा फलों का आकार छोटा हो जाएगा। भगवान कृष्ण की बुआ कुंती ने उनसे कहा बेटा पांडव तुम्हारे भाई हैं और कष्ट झेल रहे हैं तुम कृपा क्यों नहीं करते। श्रीकृष्ण बोले बुआ युधिष्ठर भाई जुए में सबकुछ हार गए लेकिन विपत्ति के समय उन्होंने एक बार भी मुझे याद नहीं किया लेकिन वस्त्र हरण के समय जब द्रोपदी ने मुझे पुकारा तो 10 हजार हाथियों के बल वाला दुशासन द्रोपदी का नाखुन भी नहीं उखाड़ सका और वस्त्रावतार हो गया। अर्थात जब कोई हृदय से मुझे पुकारता है तो उसकी रक्षा करने का जिम्मा मुझ पर आ जाता है तथा मुझे पुकारने वाले का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता।
कथा से पूर्व श्रद्धालुओं ने गांव नुहियांवाली, बनवाला, रिसालियाखेड़ा, रामगढ़, गोरीवाला और रामपुरा बिश्नोईया सहित साथ लगते गांवों में प्रभातफेरी निकाली जिसका जिक्र आने पर स्वामी जी ने बताया कि यदि कोइ गाली देता है तो वो वायुमंडल में फैलकर नकारात्मक ऊर्जा पैदा करती है जिसका दुष्प्रभाव समस्त विश्व पर पड़ता है। इसी प्रकार प्रभातफेरी के दौरान श्रद्धालु जब प्रभु के नाम का उच्चारण करते हुए चलते हैं तो उसकी गूंज से विश्व के प्राणियों में स्वत: ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है अत: प्रभातफेरी हर गांव में निकाली जानी चाहिए। इस मौके पर श्रीरामभक्त हनुमान गोशाला के सेवादारों सहित अनगिनत महिला पुरूष श्रद्धालु मौजूद थे।