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17 April 2017

अज्ञात कारण से आग लगी, एक एकड़ गेहूं की फसल जली

ओढ़ां
ओढ़ां क्षेत्र के गांव रत्ताखेड़ा के निकट किन्हीं अज्ञात कारणों से आग लग जाने के चलते एक एकड़ गेहूं की खड़ी फसल के जलकर खाक हो गई।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची ओढ़ां पुलिस तथा फायर बिग्रेड ने ग्रामीणों की सहायता से आग पर काबू पाने में सफलता प्राप्त की अन्यथा आग के आसपास के खेतों में फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार रत्ताखेड़ा निवासी महेंद्र पुत्र जयसिंह की गेहूं की फसल में अचानक किसी अज्ञात कारण से आग लगने से एक एकड़ गेहूं की फसल जल गई।

134 ए के अंतर्गत खंड ओढ़ां के विभिन्न विद्यालयों के कुल 146 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा

ओढ़ां
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक ओढ़ां में 134 ए के अंतर्गत खंड ओढ़ां के विभिन्न विद्यालयों के 202 विद्यार्थियों में से कुल 146 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। केंद्र अधीक्षक व रावमावि ओढ़ां के प्राचार्य सुभाष कुमार की देखरेख में आयोजित इस परीक्षा को सुचारू रूप से सम्पन्न करवाने हेतु 15 अध्यापकों को सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त किया गया। इस परीक्षा से संबंधित विद्यार्थियों को रोल नंबर अलॉट करने तथा परीक्षा संबंधी लिपिक का कार्य खंड कार्यालय ओढ़ां के रामेश्वर कुमार ने  तथा परीक्षा के सुचारू आयोजन में विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों ने सहयोग दिया। इस परीक्षा का परिणाम दो तीन दिन में घोषित किया जाएगा।

क्लब ने जरूरतमंदों के लिए दिए 300 जोड़ी वस्त्र

ओढ़ां
गांव पन्नीवाला मोटा के ग्राम सुधार युवा मंडल तथा ओलिंपिक फुटबॉल एवम स्पोर्ट्स युवा क्लब के सदस्यों द्वारा समाज भलाई के कार्यों के अंतर्गत सिरसा स्थित नेकी की दीवार पर जरूरतमंदों के लिए लगभग 150 जोड़े वस्त्र भेंट किए गए।
क्लब प्रधान भजनलाल सिंहमार, संदीप बादल और क्लब प्रवक्ता प्रवीण कस्वां ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के लिए नेकी की दीवार वरदान साबित हो रही है। जरूरतमंद व्यक्ति को यहां से मूलभूत सुविधाओं के रूप में वस्त्र व जूते आदि सामान मिल जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी का यह कर्तव्य भी बनता कि यथासंभव कम से कम तथा ज्यादा से ज्यादा वस्तुएं यहां भेंट करें ताकि हमारी सामाजिक परिस्थितियां तथा  सहयोग की भावना बनी रहे और समाज हमेशा प्रगतिशील रहे। गौरतलब है कि इसके साथ-साथ क्लब सदस्यों द्वारा लगभग 150 जोड़े वस्त्र गांव के जरूरतमंद व्यक्तियों को भी दिए गए।

16 April 2017

ग्रामीणों ने रोका गेहूं ले जा रहे ट्रकों का पहिया, जाम

ग्रामीण बोले ट्रकों के चलने से उडऩे वाली धूल से होती है फसल खराब
ओढ़ां
गांव पन्नीवाला मोटा में स्थित हैफेड़ के गोदाम में गेहूं लेकर जाने वाले ट्रकों व ट्रालों को पन्नीवाला मोटा के ग्रामीणों ने आज जाने से रोक दिया तथा हैफेड़ के खिलाफ रोष भी व्यक्त किया।

जाम लगने की सूचना पाकर थाना प्रभारी ओढ़ां बलवंत जस्सू अपने दल के साथ मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने ग्रामीणों को शांत करते हुए समझाने का प्रयास किया। थाना प्रभारी के समझाने पर भी जब ग्रामीणों ने रास्ता नहीं खोला तो थाना प्रभारी ने बताया कि हैफेड के अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं।
रोष व्यक्त करने वाले ग्रामीणों जयमल सिंह डुडी, सतबीर सिंह, सहीराम, गिरधारी लाल, ओमप्रकाश और राजकुमार आदि ने बताया कि पन्नीवाला मोटा से होकर गुजरने वाले भागसर से घुकांवाली रोड़ तक गोदाम को जाने वाला मार्ग कच्चा है। मार्ग कच्चा होने के कारण ट्रकों व ट्रालों के चलने से उडऩे वाली धूल उनकी फसलों को खराब कर देती है तथा इसी बात को लेकर उन्होंने ट्रकों व ट्रालों का आवागमन रोक दिया है। उन्होंने बताया कि वे अपनी इस समस्या को हर वर्ष हैफेड़ के अधिकारियों के सामने रखते हुए इस मार्ग को पक्का करने की मांग करते हैं लेकिन हैफेड के अधिकारियों पर इस बात का कोई असर नहीं होता।
मौके पर पहुंचे हैफेड के जनरल मैनेजर मनजीत पूनिया ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अब से इस रास्ते पर पानी का छिड़काव करने के बाद ही ट्रक या ट्राले चलाए जाऐंगे ताकि फसलों को नुकसान ना पहुंचे। उनके इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना रोष प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

पन्नीवाला मोटा के एक परिवार को अज्ञात लोगों ने पीटा

ओढ़ां
एक आल्टो गाड़ी में सवार होकर आए चार अज्ञात लोग गांव पन्नीवाला मोटा की एक ढाणी निवासी तीन लोगों को बुरी तरह पीटने के बाद उनके मोबाइल लेकर फरार हो गए। पन्नीवाला मोटा निवासी 45 वर्षीय ओमप्रकाश अपनी पत्नी 42 वर्षीय कमलेश व 18 वर्षीय पुत्र मुकेश के साथ ढाणी में था कि आल्टो गाड़ी में आए चार लोगों ने उनकी पिटाई करते हुए दो फायर भी किए तथा उनके मोबाईल लेकर चले गए।
बताया जाता है कि उक्त लोग जींद के गांव कपोली से आए थे, क्योंकि ओमप्रकाश का साला गांव गीगोरानी निवासी सुरेश गांव कपोली से एक लड़की को लेकर भाग गया था तथा उक्त लोगों को शक था कि सुरेश अपने बहनोई ओमप्रकाश के यहां छुपा होगा। ओमप्रकाश के कहने पर भी वे नहीं माने और उनके परिवार की पिटाई करते रहे। हमलावरों के जाने के बाद पड़ोसियों ने तीनों घायलों को ओढ़ां अस्पताल पहुंचाया जहां से उन्हें सिरसा रैफर कर दिया गया। इस घटना की जानकारी ओढ़ां पुलिस को दे दी गई है।
इस विषय में पूछे जाने पर थाना प्रभारी ओढ़ां बलवंत जस्सू ने बताया कि उन्होंने मौके पर जाकर मुआयना किया है। उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई घायलों के बयान के आधार पर की जाएगी।