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04 August 2017

20 अगस्त 2017 में होने वाली निरक्षरों की परीक्षा की रूपरेखा तैयार करने हेतु

साक्षर भारत मिशन के तहत मुख्याध्यापकों व नोडल अधिकारियों की बैठक
ओढ़ां
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय ओढ़ां में खंड के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों के मुख्याध्यापकों व नोडल अधिकारियों की बैठक हुई।
इस बैठक में साक्षर भारत मिशन स्कीम के जिला समन्वयक हरमेल सिंह व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओढ़ां के प्राध्यापक जितेंद्र गर्ग ने संबोधित किया। उन्होंने बताया कि साक्षर भारत मिशन के तहत शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए गांवों में साक्षरता अभियान चलाया जाएगा जिसमें सभी नोडल अध्यापक ग्राम समन्वयक के रूप में कार्य करेंगे। वे मिशन का रिकार्ड यथा निरक्षरों की सूची, स्टाफ रजिस्टर, हाजरी रजिस्टर व प्रमाणपत्र आदि सुरक्षित रखेंगे। वे निरक्षरों को पढ़ाने की कार्य योजना व कक्षाएं लगाने की रूपरेखा तैयार करेंगे। ग्राम पंचायत में स्कूल प्रबंधन समिति, स्वयंसेवी संस्थाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा बीएड डीएड छात्राध्यापकों की मीटिंग बुलाकर उन्हें कक्षाएं लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। अन्य पढ़े लिखे व सेवानिवृत्त अध्यापक तथा कर्मचारी जो साक्षरता कार्यक्रमों में सेवा देने के इच्छुक हों उनको वीटी का कार्य सौंपा जाए। मीटिंग में सभी नोडल अध्यापकों को रजिस्ट्रेशन फार्म को भरने के बारे में बताया गया। खंड समन्वयक दीपक सिंगला द्वारा निरक्षरों के आंकड़े उपलब्ध करवाए गए ताकि नोडल अधिकारी ग्राम स्तर पर विद्यार्थियों के जरिए निरक्षरों की पहचान कर उन्हें पढ़ा सकें। बैठक का उद्देश्य आगामी 20 अगस्त 2017 में होने वाली निरक्षरों की परीक्षा की रूपरेखा तैयार करना रहा जिसके तहत परीक्षा के लिए आवश्य प्रबंध करने, परीक्षा का संचालन करवाने, निरक्षरों का नामांकन करने, वार्ड वाइज सूची तैयार करके स्वयंसेवी अध्यापकों को देने व उनसे कक्षाएं लगवाने, समय समय पर प्रगति रिपोर्ट भेजने की रूपरेखा तैयार की जा सके।

घुकांवाली में 50 वर्षीय महिला के बाल कटे

ओढ़ां
खंड ओढ़ां के गांव घुकांवाली में शुक्रवार को एक महिला के दिन दिहाड़े बाल कट जाने की घटना से ग्रामीणों में खलबली मच गई है और पूरे गांव में दहशत फैल गई है। घुकांवाली निवासी 50 वर्षीय कर्मवीर कौर पत्नी हरमेल सिंह अपने पड़ोसी लाभ सिंह के घर जा रही थी कि उो झटका लगा, सिर से चुन्नी उतर गई तथा बाल कट गए। यह सुनकर गांव के लोग एकत्र हो गए। कर्मवीर कौर को एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया।
सूचना पाकर थाना प्रभारी ओढ़ां जगदीश जोशी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया कि यह कोई खास बात नहीं है और डरने जैसी कोई बात नहीं है। किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान ना दें।

खेल भावना के साथ बिना किसी ईष्र्या व द्वेष के भागीदारी निभाएं : मधु जैन

तीन दिवसीय फुटबॉल क्रीड़ा स्पर्धा शुरू
ओढ़ां
जवाहर नवोदय विद्यालय ओढ़ां में नवोदय विद्यालय समिति जयपुर संभाग की ओर से तीन दिवसीय फुटबॉल क्रीड़ा स्पर्धा का शुभारंभ हुआ।

उद्घाटन कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी ओढ़ां मधु जैन मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुई। क्रीड़ा स्पर्धाओं में हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली के विभिन्न नवोदय विद्यालयों से कुल तीन संकुलों जोधपुर, सवाई माधोपुर व करनाल के खिलाडिय़ों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस खेल स्पर्धा में अंडर 17 व अंडर 19 छात्र व छात्रा वर्ग में खेले जा रहे हैं। उद्घाटन मैच अंडर 19 छात्र वर्ग जोधपुर और सवाई माधोपुर की टीमों के मध्य खेला गया जिसमें जोधपुर की टीम ने सवाई माधोपुर की टीम को 1-0 से मात दी।
उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यातिथि मधु जैन, प्राचार्या सुनीता शर्मा व उपप्राचार्य रामसिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। प्राचार्या ने अतिथियों का स्वागत और खिलाडिय़ों ने मार्च पास्ट किया। इस अवसर पर विद्यालय कप्तान मास्टर जगसीर ने खिलाडिय़ों को ईमानदारी व निष्ठा की शपथ दिलवाई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजस्थानी लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। मुख्यातिथि ने अपने वक्तव्य में सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए खेल भावना के साथ बिना किसी ईष्र्या व द्वेष के अपनी भागीदारी निभाने के लिए कहा। कार्यक्रम के दौरान सभी शिक्षकों व कर्मचारी उपस्थित रहे।

उद्यान विकास अधिकारी डॉ. नरेंद्र बैनिवाल ने बताया बाग कैसे लगाएं

ऑरोही सीनियर सैकेंडरी स्कूल जलालआना में कृषि गोष्ठी
ओढ़ां
ऑरोही सीनियर सैकेंडरी स्कूल जलालआना में कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में फल उत्कृष्टता केंद्र मांगेआना से उद्यान विकास अधिकारी डॉ. नरेंद्र बैनिवाल ने बच्चों को बाग लगाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अगस्त, सितंबर व अक्टूबर माह बाग लगाने का उपयुक्त समय है और इस समय हमें फलदार पौधे लगाने चाहिए क्योंकि इनसे हमें ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं और प्रदूषण में कमी आती है। इच्छुक किसान को किनू, बेर और अमरूद आदि के बाग विभाग द्वारा सुलभ करवाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त जैविक खेती के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अधिक पुरानी गोबर की खाद, कैंचुआ खाद तथा बायोगैस से प्राप्त खाद सलरी का खेत में अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए क्योंकि इससे वातावरण में शुद्धता बनी रहती है। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी फसलें रोजगार का एक साधन हैं। इस मौके पर प्राचार्या बलविंद्र कौर ने उद्यान विकास अधिकारी को धन्यवाद देते हुए विद्यालय परिसर में एक उद्यान वाटिका तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा।

बाल कटने की घटनाओं से फैलते अंधविश्वास व टोटकों के प्रति

लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से तर्कशीलों ने लगाई वर्कशॉप
ओढ़ां
ओढ़ां क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों के बाल कटने की घटनाओं से समाज में उपजे भय से लोगों को निजात दिलाने के उद्देश्य से तर्कशील सोसाइटी की टीम ने जागरूकता अभियान चलाया।
टीम में शामिल मास्टर शमशेर चोरमार, मलकीत सिंह और अजायब सिंह जलालआना ने आदर्श हाई स्कूल ओढ़ां, गल्र्ज हाई स्कूल तथा चौपाल में बाल कटने की घटनाओं के बारे में वर्कशॉप लगाई। सोसाइटी द्वारा समय समय पर अंधविश्वास के विरुद्ध व वैज्ञानिक विचारों के प्रचार प्रसार के लिए प्रोग्राम पेश किये जाते है। इन स्थानों पर तर्कशीलों ने बाल कटने की घटनाओं को मानसिक तनाव व शरारती तत्वों द्वारा किये गए कार्य बताया। उन्होंने कहा कि अक्सर गर्मी के दिनों में मानसिक तनाव से ग्रस्त लोगों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे रोगियों की गिनती बढऩे से बाबा गिरी करने वाले लोगों की मार्किट भी चमक उठती है। कारण साधारण इन्कम वाले लोग अस्पतालों में ईलाज करवाने की बजाय इन्हें ढोंगी बाबाओं, तांत्रिको, मौलवियों व ओझाओं के पास जाते हैं जो बाल कटने की घटना को बढ़ा चढ़ाकर पेश करते हैं। लोगों को इसका हल अनाप शनाप तरीकों जैसे घर के गेट पर मेंहन्दी या सिन्दूर का पंजा लगाना, नीम टांगना आदि बताते हैं जो अवैज्ञानिकता का प्रमाण है। जब एक दो घटनाओं के बाद मीडिया या अन्य कॉमनीकेशन के माध्यम से लोगों में ऐसी अफवाह फैलती है तो अंधविश्वासी लोग इसका शिकार बनते हैं। इसे मनोविज्ञान की भाषा में मॉस हिस्टीरिया या फोबिया (सामाजिक समूह डर) कहा गया है। जगह जगह चर्चाएं होती हैं और धीरे धीरे पूरा समाज इसकी जद में आ जाता है। मानसिक रोग से पीडि़त व्यक्ति जिसकी अपनी पर्सनल समस्या होती है वो अपनी बात को रखने या अपनी तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसी नैगेटिव अप्रोच को अपनाता है और घटना को स्वंय ही कर लेता है। या यूं कहें मानसिक समस्या ग्रस्त व्यक्ति दूसरों को समस्या में डालकर स्वंय सुख महसूस करता है। इस अवसर पर बच्चों व आम लोगों का डर दूर करने के लिए जादू के ट्रिक्स दिखाकर और विभिन्न प्रकार के चमत्कारों को पेश करके उन्हें जागरूक किया गया। उन्होंने लड़कियों को विशेष रूप से ऐसी घटनाओं से निपटने व समझने के लिए सुझाव दिए गए तथा वर्षों से समाज में फैल रहे अंधविश्वासों की असलियत बताई।