Loading

08 February 2011

बनवाला में जोहड़ सफाई का कार्य शुरु

 ओढां  न्यूज.
    गांव बनवाला में श्री हनुमान मंदिर और बस स्टेंड के निकट स्थित दो जोहड़ों की सफाई करने हेतु जोहड़ों से पानी की निकासी का कार्य शुरु कर दिया गया है ताकि इन जोहड़ों की सफाई की जा सके और इनके जर्जर हो चुके घाटों की रिपेयर की जा सके।
    गत 14 दिसंबर को ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित बैठक में गांववासियों साहबराम नंबरदार, भागाराम कूकना , मनफूल कूकना, काशी राम श्योराण, श्रवण गोदारा, विनोद कुमार, सीताराम, धनराज, पाला राम, भूप सिंह व महेंद्र सिंह आदि ने गांव में स्थित जोहड़ों में अनेक वर्षों से भरे गंदे पानी की ओर ध्यान दिलाते हुए उनकी सफाई करने तथा जोहड़ों के घाटों की रिपेयर करवाने की बात उठाई थी ताकि गंदे पानी से पशु बीमार न हों और टूटे हुए घाटों के कारण पशु घायल न हों। गांववासियों के आग्रह पर ग्राम पंचायत द्वारा रेजूलेशन डालकर गांव के जोहड़ों की सफाई और टूटे हुए घाटों को ठीक करवाने हेतु ग्राम पंचायत द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया था ताकि इसकी सफाई की जा सके और टूटे हुए घाटों की रिपेयर की जा सके।
    इस विषय में गांव के सरपंच भरत सिंह से बात किए जाने पर उन्होंने बताया कि पारित प्रस्ताव के तहत जोहड़ का पानी निकलवाकर उनके जर्जर हो चुके घाटों की सफाई करवाकर ठीक करवाया जाएगा।

छीना छपटी के आरोपी न्यायिक हिरासत में

 ओढ़ां  न्यूज.
    ओढ़ां पुलिस ने जबरदस्ती छीना छपटी करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार करके डबवाली स्थित न्यायधीश महावीर सिंह की अदालत में पेश कर दिया जहां से उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
    यह जानकारी देते हुए ओमप्रकाश दलाल एएसआई ने बताया कि रविवार की रात को करीब साढ़े आठ बजे ओढ़ां निवासी सुभाष पुत्र ओमप्रकाश अपने खेत से पैदल घर आ रहा था कि नुहियांवाली रोड पर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उसे रोककर उससे जबरदस्ती करते हुए उसकी जेब से पर्स निकाल लिया और उसमें रखे 1800 रुपए लेकर फरार हो गए। सुभाष ने उनमें से एक युवक विशाल उर्फ लक्की निवासी ओढ़ां को पहचान लिया और पुलिस को सूचित किया।
    ओमप्रकाश एएसआई ने आगे बताया कि उक्त दोनों युवकों ने इस छीना छपटी के बाद में उसी रात करीब साढ़े नौ बजे गांव चोरमार निवासी बनवारी लाल मेघवाल के घर जाकर उससे भी छीना छपटी की। विशाल व सुभाष ने बनवारी लाल के कमरे में घुसकर जबरदस्ती उसकी जेब से 2500 रुपए की नकदी छीन ली और फरार हो गए। ओढ़ां पुलिस ने बनवारी लाल की शिकायत पर उक्त दोनों युवकों के खिलाफ पुलिस ने मंगलवार को विशाल व उसके साथी मलकीत सिंह निवासी चोरमार के खिलाफ चोरी व छीना छपटी करने का मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार करके उन्हें अदालत में पेश कर दिया।

चुरापोस्त सहित दो युवक काबू

. ओढ़ां न्यूज
    ओढ़ां पुलिस ने चुरा पोस्त के दो आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करके उन्हें अदालत में पेश कर दिया जहां से उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह जानकारी देते हुए एएसआई सुबे सिंह ने बताया कि सोमवार को उन्होंने गांव बनवाला में बस स्टेंड के नजदीक गीता भवन रोड के पास नाका लगा रखा था कि रिसालियाखेड़ा की ओर से एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। शक के आधार पर उनकी तलाशी ली गई तो उनसे एक प्लास्टिक के थैले में 3 किलोग्राम चुरा पोस्त बरामद हुआ। पूछताछ करने पर उनकी पहचान गुरप्रीत सिंह पुत्र सुरजीत निवासी ढानी भादड़ा व मलकीत सिंह पुत्र मिठू सिंह निवासी झोरड़ रोही के रुप में हुई।

बसंत पंचमी अपने साथ कई परिवर्तन लेकर आती है

सिरसा
               बसंत पंचमी अपने साथ कई परिवर्तन लेकर आती है। बसंत पंचमी के दिन से शरद ऋतु की विदाई के साथ पेड़-पौधों और प्राणियों में नवजीवन का संचार होता है । इसके अलावा यह दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा का दिन है। यह बात बसंत पंचमी के अवसर पर आज हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि व पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष होशियारी लाल शर्मा कंगनपुर रोड पर स्थित भारत नगर में बृजदान चानन के निवास स्थान पर कही। इस अवसर पर बृजलाल चानन के परिवारजनों व अन्य लोगों ने श्री शर्मा का फूल माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान श्री शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर व पुष्प अर्पित करके बसंत पंचती का त्यौहार मनाया। जिलावासियों को बसंत पंचमी की हार्दिक बधाई देते हुए होशियारी लाल शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद में भी बसंत पंचमी को स्वास्थ्य के लिए बेहतर बताया गया है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में पूरे साल को जिन छह मौसमों में बाँटा गया है उनमें बसंत लोगों का सबसे मनचाहा मौसम है। इस मौसम में फूलों पर बहार आ जाती है,खेतों मे सरसों का सोना चमकने लगता है, जौ और गेहूँ की बालियाँ खिलने लगतीं हैं। उन्होंने कहा की लोगों को मौसम के बदलाव के साथ अपने बुरे कर्मो को त्यागकर अच्छे कर्म को अपनाना चाहिए तथा अच्छे जीवन की शुरूआत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। इस मौके पर मा. राजकुमार वर्मा, उमेद सैन, भाल चंद भट्टीवाल एडवोकेट, प्रेम कुमार सैनी, हनुमान, डॉ. सुरेंद्र कुमार, रणजीत सिंह, भरत सिंह खत्री, श्रीराम, हीरालाल, ओम प्रकाश बैनीवाल, स. सखुदेव सिंह, रमेश कुमार, राधे श्याम शर्मा, बाबू लाल मिस्त्री सहित अनेक लोग मौजूद थे।

लोगों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना गया प्रीतम

सिरसा
            शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स के सदस्य व डेरा अनुयाई प्रीतम इन्सां का समस्त जीवन मानवता की सेवा को समर्पित रहा। परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज के वचचानुसार 14-11-84 को प्रीतम इन्सां का जन्म हुआ। प्रीतम इन्सां का शुरू से ही डेरा से जुड़ाव था। मधुरभाषी व मिलनसार रवैये के कारण हर कोई प्रीतम को पंसद करता था। वह हमेशा से ही सेवाकार्यों मे बढ़चढ़ कर भाग लिया करता था। डेरा सच्चा सौदा द्वारा जरूरतमंद लोगों को सहातार्थ बनाए गए ब्लड मैडिकल समिती फूड बैंक के इंचार्ज का कार्य भी प्रीतम ही संभालता था। दिन हो या रात, आंधी हो या तुफान प्रीतम सेवा कार्यों में सबसे पहले पहुंचकर अपनी हाजिरी दर्ज करवाया करता था। मानवता की सेवा करना तो मानों उसे रग-रग में समाई थी। पूज्य हजूर पिता संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा 29 अप्रैल को शुरू किए गए जाम-ए-इन्सां में उसी दिन ही जाम पी कर शाह सतनाम जी ग्रीन एस फोर्स की वर्दी भी ली। पूज्य हजूर पिता संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के वचनों पर चलते हुए प्रीतम इन्सां ने अनेक बार रक्तदान कर दुसरों की जान भी बचाई। उसका मानना था कि रक्तदान करने से जहां इन्सान को अंदर से संतुष्टि मिलती है वहीं मानवता का भी भला होता है। इसलिए वह हमेशा दुसरों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करता रहता था। बीती 28 मार्च 2010 को प्रीतम वैवाहिक बंधन में बंधे। माता-पिता का लाड़ला व बड़े भाई का आज्ञाकारी अनुज प्रीतम पिछले दिनों एक सड़क दुर्घटना में परमपिता परमात्मा की गोद में जा विराजा। उनके देहांत की खबर सुनते ही सभी की आखें नम हो गई पर कोई भी यह मानने को तैयार नहीं था कि प्रीतम अब उनके बीच नहीं है। सरसा ब्लाक के सैंकड़ों सेवादार प्रीतम इन्सां के के साथ बिताए हुए क्षणों को पल पल याद करते है। विभिन्न मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी रहने वाले सिरसा ब्लाक के सेवा कार्यों में अग्रणी होने में प्रीतम इन्सां की भी अहम भूमिका रही है। प्रीतम इन्सां मरणोपरांत प्रीतम की इच्छानुसार उसके परिजनों ने उसके नेत्रदान किए। आज भले ही प्रीतम इन्सां हमारे बीच नही है परंतु उसके द्वारा किए गए सेवा कार्यों व मधुरभाषी स्वभाव से वो सदा सदा के लिए लोगों के दिलों में अपनी एक अलग जगह बना गया।