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09 January 2014

प्रवास हेतु ओढां पहुंची इलाहाबाद के संतों की जमात
ओढां-सतीश गर्ग
    श्री पंचायती अखाड़ा बाबा उदासीन निर्वाण इलाहाबाद से ओढां पधारी संतों की जमात का गांववासियों ने गांव के बस स्टेंड पर गहरा स्वागत किया और उन्हें डेरा बाबा संतोखदास में लाया गया। डेरा में पधारने पर गद्दीनशीन संत बाबा करतार दास ने उनका फूलमालाओं से आदर सत्कार किया। जमात के मुखी श्रीमत बाबा संतोष मणी डेरा बाबा ब्रह्मदास डयोडख़ेड़ी कैथल के नेतृत्व में करीब 70 साधू एक सप्ताह के प्रवास हेतु ओढां स्थित डेरा बाबा संतोखदास में ठहरेंगे। बाबा संतोष मणी ने बताया कि उनकी जमात भारत के समस्त उदासीन बड़े डेरों का भ्रमण करते हुए ओढां पहुंचे हैं और 14 जनवरी तक यहां रूकेंगे। इसके उपरांत वे डेरा बकील दास मिठडी जाएंगे। साधूओं की जमात सुबह शाम आरती के साथ साथ दिन में श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक चर्चा करते हैं। इस अवसर पर उनके साथ गौशाला के प्रधान रुपेंद्र सिंह कुंडर, पूर्व सरपंच पलविंद्र चहल, बलदेव ढिल्लों, रामकुमार गोदरा, कौर सिंह मिस्तरी, अमर सिंह गोदारा, रमेश बाटू सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

छायाचित्र: संतों की जमात का स्वागत करते रुपेंद्र कुंडर, पलविंद्र सिंह व अन्य।


ओढां ने कालांवाली को 48 रनों से मात दी
ओढां-सतीश गर्ग

    ओढां स्कूल के मैदान में शहीद भगत सिंह युवा क्लब द्वारा करवाई गई क्रिकेट प्रतियोगिता में गुरुवार को अनेक रोचक मुकाबले हुए। कालांवाली और शहीद भगत सिंह क्लब के मध्य मैच में ओढां की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 6 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर कुल 72 रन बनाए जिनमें हरजिंद्र ने 2 छक्कों व 3 चौकों सहित 26 रनों तथा संजय ने 2 चौकों सहित 15 रनों का योगदान दिया। कालांवाली के गेंदबाज शंटी ने 2 ओवरों में 10 रन देकर 3 विकेट तथा चमकीला ने 2 ओवरों 32 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करते हुए कालांवाली की पूरी टीम 6 ओवरों में मात्र 24 रनों पर सिमट गई। ओढ़ां के गेंदबाज खतरा ने एक ओवर में 5 रन देकर 3 विकेट तथा कुलदीप ने 2 ओवरों में 10 रन देकर 2 विकेट लिए। इस प्रकार ओढां की टीम ने यह मैच 48 रनों से जीत लिया जिसका मैन आफ दी मैच 26 रन बनाने वाले हरजिंद्र को दिया गया। एक अन्य मैच में झूटीखेड़ा की टीम ने ताज इलेवन ओढां की टीम के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 6 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर कुल 43 रन बनाए जिसमें सुनील ने 2 चौकों सहित 23 रनों तथा सतबीर ने एक छक्के व एक चौके सहित 16 रनों का योगदान दिया। ताज इलेवन के गेंदबाज रवि ने 2 ओवरों में 14 रन देकर 3 विकेट तथा काकू ने 2 ओवरों में 18 रन देकर एक विकेट लिया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करते हुए ताज इलेवन की टीम ने 6 ओवरों में 4 विकेट खोकर 44 रन बना लिए जिसमें दीपू ने एक छक्के व एक चौके सहित 17 रनों तथा प्रिंस ने 2 चौकों सहित 10 रनों का योगदान दिया। झूटीखेड़ा के गेंदबाज भीमसैन ने 2 ओवरों में 10 रन देकर 2 विकेट लिए। इस प्रकार ताज इलेवन की टीम ने यह मैच 6 विकेट से जीत लिया जिसका मैन आफ दी मैच 17 रन बनाने वाले दीपू को दिया गया। इस मौके पर हनी कुंडर, सांईदास, बलौर कुंडर, मोडी सिंह, प्रिंस गोयल, रवि, राजेंद्र, मनमोहन, लवजीत, फकीरा, गोपी और टोनी सहित काफी संख्या में क्रिकेट प्रेमी गांववासी मौजूद थे।


कलियुग से पूर्व भगवान 25 अवतार धारण कर चुके हैं : जगदीश दाधीच
ओढां-सतीश गर्ग

    गांव बनवाला में रावत भगत के समाधि स्थल पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह में गुरुवार को कथा का वाचन करते हुए शास्त्री जगदीश दाधीच ने  कहा कि शास्त्रों में 4 वेद व 18 पुराण बताए गए हैं और कलियुग से पूर्व भगवान 25 अवतार धारण कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब जब धरती पर अत्याचार बढ़ते हैं तब तब संसार के पालनकर्ता सच्चिदानंद स्वरूप भगवान धरती पर अवतरित होकर पापियों का नाश करते हैं तथा नवयुग की स्थापना करते हैं। कलियुग में संत महात्माओं का संग करना चाहिए जो जीवन को भक्ति मार्ग की ओर ले जाता है। इसके अलावा कलियुग में दुख, दरिद्रता, दुर्भाग्य तथा पापों से मुक्ति का अन्य साधन नहीं है। अंत में राम राम कृष्ण कृष्ण की धुन पर सभी श्रद्धालुगण नाच उठे। इस अवसर पर साहबराम नंबरदार, प्रेम कुमार, मोहन लाल, सुभाष, कृष्णा, सुमित्रा, रामप्यारी, सरोज, सुमन और शकुंतला सहित अनेक श्रद्धालु ग्रामीण मौजूद थे।


स्वयंसेविकाओं ने उतारे छतों से जाले
ओढां-सतीश गर्ग

    नुहियांवाली के सीनियर सैकंडरी स्कूल में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस कैंप में चौथे दिन स्वयंसेवकों ने बस स्टेंड पर सफाई की। इसके अलावा उन्होंने स्कूल की चारदीवारी के साथ उगे घासफूस व झाडिय़ों की सफाई करते हुए चारदीवारी के साथ मिट्टी लगाई। वहीं दूसरी ओर स्वयंसेविकाओं ने स्कूल में दीवारों व छतों पर से मकड़ी के जालों को उतारकर छतों को साफ किया। आज के मुख्यातिथि गांव आनंदगढ़ के मिडल हैड राजेंद्र कुमार डुडी ने समय के महत्व के बारे में बताते हुए समय के सदुपयोग करने पर जोर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत बीरपाल कौर ने गीत ये तो सच है कि भगवान है गाया तथा चंद्रकांता, बलदेव व सुदेश ने चुटकले सुनाकर स्वस्थ मनोरंजन किया। आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में पवन देमीवाल, राजकुमार कस्वां, बूटा सिंह, हनुमान परिहार, प्रीतम सिंह और माडूराम ने सहयोग दिया।

छायाचित्र: दीवारों व छतों से मकड़ी के जाले साफ करती स्वयंसेविकाएं बिंदू, कविता व ममता।


किसान ब्लैक में खरीद रहे हैं यूरिया
ओढां-सतीश गर्ग

    ओढां क्षेत्र में यूरिया खाद की कमी के चलते किसानों को यूरिया ब्लैक में खरीदनी पड़ रही है। किसान महावीर जांगू, मदन लाल गोदारा, हरद्वारी लाल, जसवंत सिंह, रामकुमार और ओमप्रकाश ने बताया कि गेहूं की फसल में खाद प्रति एकड़ में एक थैला डालना जरूरी है। कमी के कारण किसानों को बाजार से यूरिया का 271 रुपये वाला थैला करीब 290 रुपये में खरीदना पड रहा है। उन्होंने बताया कि खद की कमी से गेहूं की फसल पीली पड़ रही है और उसका झाड़ भी कम होगा। कोआप्रेटिव सोसाइटी के डायरेक्टर गुरचरण कौर कुंडर व जीवन सिंह ने बताया कि पैक्स कार्यालय ओढां, नुहियांवाली, ख्योवाली, चोरमार, जलालआना व मिठडी में खाद तो पड़ी है लेकिन हड़ताल के कारण सैल्जमैन किसानों को खाद नहीं बांट रहे जिस कारण खाद की ब्लैक हो रही है। पैक्स प्रबंधक चंद्रपाल ने माना कि खाद है लेकिन उन्होंने बताया कि पैक्स के गोदाम की चाबी सैल्जमैनों के पास है और वे हड़ताल पर चल रहे हैं इसलिए किसानों को खाद नहीं मिल रही।


जस्सी बागवाली ने मसीतां को 22 रनों से पछाड़ा
ओढां-सतीश गर्ग

    गांव मिठडी में ग्राम पंचायत द्वारा गांव के मैदान में करवाई जा रही क्रिकेट प्रतियोगिता में गुरुवार को जस्सी बागवाली की टीम ने मसीतां की टीम को 22 रनों से पछाड़कर अगले राऊंड में प्रवेश पा लिया। मसीतां की टीम ने टॉस जीतकर फील्डिंग करने का निर्णय लिया जिसके तहत जस्सी बागवाली की टीम ने निर्धारित 6 ओवरों में एक विकेट के नुकसान पर कुल 65 रन बनाए। इन 65 रनों में भाऊ ने एक छक्के व 4 चौकों सहित 34 रनों तथा बब्बू ने एक छक्के व 2 चौकों सहित 18 रनों का योगदान दिया जबकि मसीतां के एकमात्र सफल गेंदबाज धर्मा ने 2 ओवरों में एक विकेट प्राप्त करने में सफलता पाई। इसके जवाब में बल्लेबाजी करते हुए मसीतां की टीम 6 ओवरों में 5 विकेट खोकर 43 रन ही बना सकी जिसमें धर्मा ने एक छक्के सहित 11 रनों तथा सुमित ने एक चौके सहित 11 रनों का योगदान दिया। जस्सी बागवाली के गेंदबाज मणी ने 2 ओवरों में 13 रन देकर 4 विकेट लिए। इस प्रकार जस्सी बागवाली की टीम ने यह मैच 22 रनों से जीत लिया जिसका मैन आफ दी मैच 34 रन बनाने वाले बल्लेबाज भाऊ को दिया गया। इस अवसर पर इस मौके पर मघर सिंह सरां, रवि सरां, बहाल सिंह बराड़, भूपेंद्र सिंह गिल और बब्बी बराड़ सहित काफी संख्या में क्रिकेट प्रेमी गांववासी मौजूद थे।
जमना लाल बजाज पुरस्कार 2014 के लिए आवेदन आमंत्रित
सिरसा, 9 जनवरी।
       हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जमना लाल बजाज पुरस्कार 2014 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए योग्य प्रार्थी 15 जनवरी 2014 तक तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों तथा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए 28 फरवरी 2014 तक आवेदन जमा करवा सकता है।
    यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डा जे गणेसन ने बताया कि ग्रामीण परिवेश में जाकर क्षेत्र में सकारात्मक काम करने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रीय पुरस्कार, ग्रामीण विकास में साईंस और टेक्नोलोजी में काम करने वाले तथा महिला और बच्चों के कल्याण और विकास में योगदान देने वाले व्यक्तियों को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि गांधीवादी विचारधारा के प्रचार के लिए भारत से बाहर किसी अन्य देश में काम करने वाले व्यक्ति को अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन सभी राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए 15 जनवरी 2014 तथा अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड के लिए 28 फरवरी 2014 तक आवेदन कर सकते है।


12 जनवरी को गांव बनसुधार में लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा
सिरसा, 9 जनवरी।
        जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में  12 जनवरी को गांव बनसुधार के राजीव गांधी सेवा केंद्र में 11 बजे लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस बारे जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री अक्षदीप महाजन ने बताया कि इस लोक अदालत में एम आई टी सी, घरेलु हिंसा जैसे विभिन्न प्रकार के लम्बित पड़े मामलों का मौके पर निपटारा किया जाएगा।

अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश-
निर्मल भारत अभियान के तहत कार्यो में तेजी लाए  = अतिरिक्त उपायुक्त
सिरसा, 9 जनवरी।
        अतिरिक्त उपायुक्त श्री शिव प्रसाद शर्मा  ने निर्मल भारत अभियान में लगे सभी अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे गांव में निजि घरों , स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों में बनाए जाने वाले कार्यो में तेजी लाए। श्री शर्मा आज स्थानीय डी आर डी ए के कांफ्रेस हॉल में अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। इस बैठक में सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पंचायती राज विभाग के एस डी ओ, जेई, एबी पी ओ व निर्मल भारत अभियान के ब्लाक कोर्डीनेटर उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी / कर्मचारी आपस में समन्वय से कार्य करें। जिला में निर्मल भारत अभियान के तहत कुल 11 हजार 877 शौचालयों का निर्माण किया जाना है। इसके साथ-साथ 293 आंगनवाड़ी केन्द्रों में, 143 लड़कियों के स्कूलों में शौचालय बनाए जाने हैं। उन्होंने कहा
कि शीघ्र ही अभियान के तहत चयन किए गए 60 प्रतिशत घरों में शौचालयों का निर्माण करवा लिया जाएगा। 

जिला में 11 जनवरी से 17 जनवरी तक 25 वां सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा
सिरसा, 9 जनवरी।
  सड़क दुर्घटनाओं को रोकने एवं आमजन में को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देने के उद्देश्य से जिला में आगामी 11 जनवरी से 17 जनवरी तक 25 वां सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाएगा। इस बार सड़क सुरक्षा एक विशेष थीम के आधार पर मनाया जाएगा। सप्ताह को जब सड़क पर हो तो पहले आप नामक थीम दिया गया है। आज सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने के सम्बंध में  उपायुक्त डा जे गणेसन ने आज सम्बंधित विभागों के अधिकारियों  की बैठक आयोजित की। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ सिंह, नगराधीश श्री प्रेमचंद, उपमंडलाधिकारी डबवाली श्री सतीश कुमार व विभिन्न विभागो के अधिकारी, स्वंय सेवी संस्थाओं तथा स्कूलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान जिला में प्रतिदिन सड़क सुरक्षा से सम्बंधित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनमें स्कूली बच्चो की रैली,  क्विज कम्पीटिशन,  भाषण प्रतियोगिता व अन्य प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे। सप्ताह में एक दिन स्कूली बच्चों की जिला स्तरीय क्विज कम्पीटिशन भी होगा, जिसमें बच्चो को आकर्षित ईनाम भी दिए जाएंगे। इस क्विज प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा से सम्बंधित प्रश्न ही रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को स्थानीय टे्रफिक पार्क में स्कूली बच्चो की रैली भी निकाली जाएगी।  12 जनवरी को वॉक आथ करवाई  जाएगी।
    उपायुक्त ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे  सुनिश्चित करें कि सड़क सुरक्षा नियमों को
उनसे सम्बन्धित जो भी कार्य करने हैं, वे बिना किसी देरी से पूरा करें। राष्ट्रीय राजमार्ग एवं  अन्य सड़कों पर सड़क सुरक्षा नियमों के तहत विभिन्न प्रकार के संकेतकों की पैंटिंग आदि करवाई जाए।  उन्होंने लोकनिर्माण,  वन,  बिजली,  नगरपरिषद,  परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग अथोरिटी के अधिकारियों से कहा कि जिला में अपने-अपने कार्यक्षेत्रों के तहत दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करें और ये भी बताएं कि इन दुर्घटनाओं को किस प्रकार से रोका जा सकता है।
    डा. गणेसन ने कहा कि सम्बन्धित अधिकारी ट्रैफिक लाईट लगाने से सम्बन्धित जगहों का भी चयन करें।
स्पीडब्रेकर, मोड़, पुल, डाइवर्जन व निर्माण कार्य चल रहे स्थानों से पूर्व चेतावनी नोटिस भी लगाना सुनिश्चित किया जाए। राष्ट्रीय व राज्य मार्गो पर बने अनाधिकृत कटों को भी बंद किया जाए। इन कटों पर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।
     जिला की सीमा में कोई भी ओवरलोडिंग वाहन प्रवेश न कर पाए इसके लिए सम्बन्धित अधिकारियों को
सख्त हिदायतें दी गई है कि वे इन ओवरलोडिंग वाहनों का चालान कर जब्त करें।  अवैध रूप से चल रहे स्कूल वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और स्कूल खुलने के बाद सुबह के समय इन वाहनों की चैकिंग की जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूल वाहन सभी तरह के नियम बरत रहे हों । पूर्व की भान्ति इस वर्ष भी उपमण्डल स्तर पर वाहन चालकों का प्रशिक्षण व पासिंग की जाएगी। स्कूल बसों की निरीक्षण के लिए जगह भी सुनिश्चत की गई है सिरसा में आगामी 15 जनवरी का सावन स्कूल के सामने दशहरा ग्रॉंऊड में, ऐलनाबाद में नचिकेतन स्कूल में 16 जनवरी को और डबवाली में खालसा स्कूल में 17 जनवरी को स्कूल वाहनों का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान और  आगे भी सड़क दुर्घटना को नियत्रण करने के लिए सड़क सुरक्षा संगठन एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। पब्लिक यातायात वाहनों पर रिफलैक्टर व अन्य प्रकार के संकेतक भी लगाए गए और वाहन चालकों को अपने वाहनों पर लगाने के लिए बंाटे गए।  इस अवसर पर स्कूली बच्चों जिनमें स्काउट्ट, एनसीसी के बच्चे थे, ने यातायात सुरक्षा को लेकर रैली भी निकाली। इन बच्चों ने हाथों में सड़क सुरक्षा को लेकर लिखे नारों की तख्तियां भी पकड़ी हुई थी।
    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ सिंह ने कहा कि आमजन की भागीदारी से जिला के सभी स्कूलों कालेजों
के साथ-साथ ट्रक एवं टैक्सी यूनियनों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस द्वारा यातायात सुरक्षा के साथ-साथ महिलाओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी इसके लिए 1091 हैल्प लाईन भी स्थापित की गई है। कोई भी महिला किसी प्रकार की शिकायत 1091 तथा 100 नम्बर पर कर सकती है। पुलिस द्वारा सम्बन्धित महिला को तत्काल सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला के सभी थानों व पुलिस चौकियों में शिकायत पेटी लगवाई गई हैं। इन शिकायत पेटियों में महिलाएं अपनी शिकायतें डाल सकती हैं। इन शिकायतों का निपटारा भी प्राथमिकता के तौर पर किया जाएगा।

इन खतरों से कैसे बचेगा आपका मोबाइल?

रात को सोने से पहले गूगल कीप पर अगले दिन का डे प्लान, ई-वॉलेट से मोबाइल रिचार्ज, यू-ट्यूब पर नई पिक्चर का ट्रेलर देखना, दोस्तों के व्हाट्स ऐप मैसेजेस का जवाब और रही-सही कसर पूरी करने के लिए फ़ेसबुक – एक स्मार्टफ़ोन यूज़र का दिन बहुत ‘व्यस्तता’ के साथ बीतता है.
लेकिन जैसे-जैसे आपकी स्मार्टफ़ोन से दोस्ती बढ़ती जाती है वैसे-वैसे ही ये आपका राज़दार होता चला जाता है.
फ़ेसबुक पासवर्ड से लेकर गैलरी में मौजूद पारिवारिक तस्वीरें और वीडियो, बैंकिंग जानकारी, फ़ोनबुक के नंबर समेत सभी संवेदनशील जानकारी आपके फ़ोन पर सुरक्षित रहे उसके लिए भी ऐहतियात बरतना ज़रूरी है.
एक अच्छा एंटीवायरस पैक आपको कई तरह के वायरस और डाटा चोरी करने वाले मालवेयर से बचा सकता है.
लेकिन अगर फ़ोन चोरी हो जाए या खो जाए, तो फ़ोन के जाने के अफ़सोस से ज़्यादा ख़तरा उसमें स्टोर जानकारी के किसी ग़लत आदमी के हाथों पड़ने से हो सकता है.
ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए गूगल ने खुद ही एंड्रॉएड फ़ोन्स के लिए एक सर्विस ‘एंड्रॉएड डिवाइस मैनेजर’ लॉन्च कर दी.
इस ऐप के ज़रिए आप अपने खोए हुए एंड्रॉएड फ़ोन का पता लगा सकते हैं और बुरी से बुरी स्थिति में फोन की गोपनीय जानकारियों को डिलीट कर सकते हैं ताकि वो किसी ग़लत हाथ में न चला जाए.
घर में कही भी फ़ोन रखकर भूल जाने वाले भुलक्कड़ों के लिए भी इस ऐप में एक खास फ़ीचर है. आपको बस अपने कंप्यूटर तक जाना है और वहां गूगल पर लॉग-इन करके ‘रिंग’ बटन दबाना है. सब ठीक रहा तो इतने में आपका फ़ोन बज उठेगा.
ऐसे फ़ीचर आई-फ़ोन में पहले ही उपलब्ध हैं, लेकिन एंड्रॉएड में अब तक इसकी कमी खलती थी.
कुछ एंटीवायरस ऐप, जैसे ‘मैकअफ़े’ और ‘क्विक हील’ भी फ़ोन फ़ाइंडर और रिमोट डाटा इरेज़र जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं, लेकिन सभी फ़ीचरों से युक्त ऐसे ज़्यादातर ऐप पेड होते हैं.
स्मार्टफ़ोन एक तरफ जहां बहुत से काम चुटकियों में कर देता है, जैसे कि ट्रेन और फिल्मों की टिकट बुक करना, पैसा ट्रांसफ़र करना, वहीं ये आपको अनचाहे कॉल और मैसेज से भी बचा सकता है. आइए नज़र डालते हैं ऐसे ही कुछ मोबाइल टूल्स पर.

फ़ोन वॉरियर

आपको कॉल या मैसेज जिन नंबरों से आ रहे हैं उन्हें ये ऐप अपने 30 करोड़ नंबरों के डेटाबेस से मैच करता है और उनके बारे में जो भी जानकारियां हैं, उसे वो आपके फ़ोन स्क्रीन पर उपलब्ध कराता है.
इस तरह से आप किसी भी नए नंबर से कॉल करने वाले का नाम जान सकते हैं और अगर किसी व्यक्ति का कॉल नहीं लेना चाहते हैं, तो बस ब्लॉक बटन दबा दें. बाक़ी काम ऐप कर लेता है.
कई बार लोग किसी बैंक, रेस्त्रां, रिटेल स्टोर का फीडबैक फॉर्म या डिजिटल फॉर्म भरते समय ठीक से नहीं पढ़ते और मोबाइल पर सूचना पाने का ऑप्शन टिक कर देते हैं. ऐसे में ‘डीएनडी’ यानी डू नॉट डिस्टर्ब स्थिति में भी कुछ मार्केटिंग कॉलर्स को छूट मिल जाती है और आप चाहे-अनचाहे मार्केंटिंग कॉल्स को न्यौता दे देते हैं.
इस तरह के कॉलर से भी निपटने के लिए फ़ोन वॉरियर में एक स्पैम फ़िल्टर ऑप्शन मौजूद है, जो अपने रिसर्च के आधार पर कोई कॉल आते ही बता देता है कि कॉल स्पैमर का है या साधारण है.

ट्रू कॉलर

ये ऐप काफ़ी समय से बाज़ार में है और बीते कुछ हफ्तों में इसमें कई नए प्रयोग भी किए गए हैं.
ट्रू कॉलर अपने तमाम यूज़र के फ़ोनबुक से ली गई जानकारी के आधार पर बता सकता है कि जिस अनजान नंबर से यूज़र को कॉल आ रही है, वो किसका है.
इस ऐप पर लोग अपना प्रोफ़ाइल भी बना सकते हैं और तस्वीर भी लगा सकते हैं.
ट्रू कॉलर फ़ोन पर इंस्टॉल होने के साथ ही फ़ेसबुक, लिंक्ड-इन और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया टूल्स से भी जुड़ जाता है. ऐसे में अगर फ़ोन करने वाले का नंबर आपके मोबाइल पर सेव नहीं है, लेकिन उस व्यक्ति से आप फ़ेसबुक पर जुड़े हैं तो उनका नाम, विवरण और उनकी बड़ी तस्वीर आपके फ़ोन की स्क्रीन पर छा जाएगी.

मिस्टर नंबर

ये ऐप काफ़ी सरल, साधारण लेकिन प्रभावशाली है. इसमें यूज़र को किसी नंबर को ब्लॉक या अनब्लॉक का ऑप्शन मिलता है.
नंबर ब्लॉक करने के लिए उसे ऐप में सीधे दर्ज भी किया जा सकता है और फ़ोनबुक से चुना भी जा सकता है.
स्मार्टफ़ोन जैसे-जैसे हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे इनकी सुरक्षा भी ज़रूरी होती जा रही है, क्योंकि अगर ये ग़लत हाथों में पड़ जाए तो जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है.

मोबाइल इंडियन: पाँच बड़े मोबाइल इनोवेशन

जनवरी, 2014 को 07:20 IST तक के समाचार

भारत में स्मार्टफ़ोन तेज़ी से लोगों के जीवन का हिस्सा बन रहा है या यूँ कहें कि बन चुका है और इसी ट्रेंड ने मौका दिया है आम लोगों और विशेषज्ञों को मिलकर कुछ नया करने का.
भारत में तेज़ी से पैर पसारते स्मार्टफ़ोन और नई ऊर्जा और विचारों के संचार ने जन्म दिया कई ऐसे ऐप्स को जिनके ज़रिए चाहे तो ट्रेन और फ़िल्मों की टिकट बुक करा लें या देश-विदेश की जानकारी जुटा लीजिए.
गांवों में बच्चों की पढ़ाई में सूत्रधार बनना हो या कृषि का ताज़ा जानकारियां किसानों तक पहुंचाना, मोबाइल के विभिन्न आयामों ने हर क्षेत्र को लाभ पहुंचाया है.
एक नज़र उन पांच बड़े मोबाइल इनोवेशन पर जिन्होंने खींचा सबका ध्यान.

फ़ाइट बैक

शहरों में महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ते अपराध के ग्राफ़ ने उनमें असुरक्षा की भावना पैदा की है. भारत के महानगरों में देर रात तक काम करने वाली ज़्यादातर महिलाएं अब घर अकेले वापस जाने से परहेज़ करने लगी हैं.
इसी असुरक्षा के भाव को समझते हुए कैनवासएम टेक्नॉलॉजी ने ‘फ़ाइट बैक’ ऐप बनाया.
जीपीएस तकनीक पर काम करने वाला ये ऐप यूज़र को ख़तरे में या आपातकालीन परिस्थिति में परिजनों को मदद के लिए सूचित करने का विकल्प देता है.
एक पैनिक बटन दबाते ही यूज़र के पहले से दिए हुए मोबाइल नंबरों पर, फ़ेसबुक पन्नों पर और ईमेल पते पर लोकेशन सहित सूचना पहुंचा दी जाती है.

इंडिया अगेंस्ट स्पैम

आपका मोबाइल चाहे जितना भी महंगा हो और आपने उसे चाहे जितने जतन से रखा हो, एक– दो ऐसे कॉल सभी को आते हैं जिनका नंबर दिखते ही आप अपने मोबाइल को चिढ़ से देखने लगते हैं. जी हाँ, हम बात कर रहे हैं मार्केटिंग कॉल्स की.
कोई ज़बरदस्ती लोन दिलवाना चाहता है तो कोई घर खरीदवाने पर तुला है. रिपोर्ट करने की धमकी तो इनके लिए बच्चों को सुनाए जाने वाले भूतों के किस्से जैसा है. कोई डरता ही नहीं! ऐसा इसलिए भी है क्योंकि मार्केटिंग कॉल ट्राई को रिपोर्ट करने की प्रक्रिया जटिल है और ज़्यादातर यूज़र्स इस पर समय नहीं बर्बाद करना चाहते.
इसी रिपोर्टिंग को आसान बनाने के लिए बना है एक मोबाइल ऐप जो एक क्लिक/टच में स्पैम रिपोर्ट करने का दावा करता है. इस ऐप को बनाने वालों का दावा है कि ये किसी रिपोर्ट को तुरंत 1909 यानी ऑपरेटर के पास भेज देता है.

एसएमएस नियंत्रित सिंचाई


‘नैनो गणेश’ सिस्टम के ज़रिए एक एसएमएस से वॉटर पंप बंद किया जा सकता है.
कृषि की सबसे ज़रूरी मांग सिंचाई होती है और किसी सूखे इलाक़े के खेत को कृषि योग्य पानी पहुँचाना किसी बड़ी जद्दोजहद से कम नहीं है.
पानी और ऊर्जा बचाना वक़्त की अहम मांग है जिसके लिए एक कृषि कंपनी ने बनाई है एसएमएस नियंत्रित सिंचाई प्रणाली.
भारत में आम तौर पर खेतों में भूमिगत जल स्रोतों का प्रयोग होता है और इसके लिए वॉटर पंप लगाए जाते हैं जो ईंधन या बिजली से चलते हैं. ऐसे में 2-5 मिनट की देरी भी रोकना बूंद-बूंद से घड़ा भरने जैसा होता है.
‘नैनो गणेश’ नाम का ये सिस्टम एक एसएमएस से वॉटर पंप बंद कर सकता है. इसके लिए ना तो बहुत पढ़े-लिखे होने की ज़रूरत होती है और ना ही किसी महंगे स्मार्टफ़ोन की. एक सस्ता सा बेसिक मोबाइल ही काफ़ी होता है.

ब्रिज-इट (मोबाइल एजुकेशन)

मोबाइल उन प्रयासों के लिए भी एक वरदान सरीखा साबित हो रहा है, जो शिक्षा को देश के दूर-दराज़ के इलाक़ों में पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं.
नोकिया और पीयरसन फाउंडेशन ने मिलकर बनाया है एक ऐसा सिस्टम जो डिजिटल इंटरैक्टिव शिक्षा को उन क्लासरूमों तक पहुंचा रहा है, जहां टीवी लगे हुए हैं.
स्कूलों में टीचर्स मोबाइल के ‘टीवी-आउट’ फ़ीचर के ज़रिए बच्चों को टीवी पर सैकड़ों ज्ञानवर्धक वीडियो दिखा सकते हैं. फिलहाल 'ब्रिज इट' तीन भाषाओं में करीब 15,000 बच्चों तक पहुंचता है.

देख-सुन नहीं पाने वालों के लिए एसएमएस

कैसा होता होगा जीवन उन लोगों का जो ना देख पाते हैं और ना ही सुन पाते हैं? आखिर समाज से कैसे जुड़ पाते होंगे ये लोग?
ऐसे ही लोगों की मदद के लिए बाइडायरेक्शनल एक्सेस प्रमोशन सोसाइटी ऑफ़ इंडिया ने बनाया है एसएमएस और क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित एक सिस्टम, जो चलेगा सभी एंड्रॉएड मोबाइलों पर.
देख-सुन नहीं पाने वाले लोगों के लिए इस ऐप में ब्रेल तकनीक जैसी सुविधा है और यूज़र हर अक्षर को मोबाइल स्क्रीन पर छूकर अलग-अलग तरह का कंपन संदेश महसूस करेगा.
इस तरह से यूज़र उनको भेजा गया संदेश, हर अक्षर को छूकर महसूस कर पाएंगे और पढ़ पाएंगे .