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05 February 2014

विपक्ष का हंगामाः संसद के दोनों सदन स्थगित

भारतीय संसद
सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक के साथ ही तेलंगाना और अगस्ता वेस्टलैंड मामलों पर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ जिसके बाद राज्यसभा और लोकसभा को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया.
बुधवार को संसद में शीतकालीन सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हुई, लेकिन सदस्यों के हंगामे के बीच दोनों सदनों में कार्यवाही पहले दोपहर तक और फिर दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी.
राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी के प्रश्नकाल का आह्वान किए जाने के बाद शोरगुल शुरू हो गया.
हंगामे की वजह से ऊपरी सदन की कार्यवाही को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

एक स्वर में बोला विपक्ष

दो बजे दोपहर को सदन का सत्र फिर शुरू हुआ तो विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक को राज्य के अधिकारों का उल्लंघन बताया.
एआईडीएमके नेता वी मैत्रेयन ने भी बीजेपी ने की बात की समर्थन करते हुए कहा कि सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक राज्य सरकार के अधिकारों को कुचलने की कोशिश है.
तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, "मैं विस्तार से यह जानकारी दे सकता हूं कि किस तरह यूपीए-2 ने देश के संघीय ढांचे पर प्रहार किए हैं."
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि वह देश के संघीय ढांचे का अतिक्रमण नहीं होने देंगे.
राज्यसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "हम इस विधेयक को लेकर सतर्क रहे हैं और इसलिए इस विधेयक में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है जो शक्ति केंद्र सरकार को दे देता हो. विधेयक की धारा 30 में कहा गया है कि यह पूरी तरह राज्य सरकार की अनुमति पर निर्भर है. यह दिल्ली पुलिस एस्टेब्लिशमेंट एक्ट की तरह ही है."
अरुण जेटली
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने सांप्रदायिक हिंसा विरोधी विधेयक को राज्य के अधिकारों पर हमला बताया.
अपने जवाब के दौरान कपिल सिब्बल ने साल 2002 के दंगों का ज़िक्र करते हुए कहा, "गुजरात के राज्य प्रायोजित दंगे राज्य का विषय नहीं हैं. ऐसे मामलों में केंद्र को हस्तक्षेप का अधिकार होना चाहिए."
इस पर राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया. इसके बाद कार्यकारी सभापति पीजे कुरियन ने इस विधेयक को टाल दिया.
इसके बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने अगस्ता वेस्टलैंड हैलिकॉप्टर सौदे पर बयान देना शुरू किया तो आंध्र प्रदेश को विभाजित करके तेलंगाना बनाने का विरोध कर रहे नेता सदन में 'आंध्र प्रदेश को बचाओ' के नारे लगाने लगे.
इसके बाद समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के नेता सरकार को दलित विरोधी बताते हुए सदन में हल्ला करने लगे.
इस कारण राज्यसभा को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया.

लोकसभा में हंगामा

लोकसभा में स्थगन से पहले भाजपा ने पूर्वोत्तर के छात्रों की असुरक्षा का मु्द्दा उठाया. अरुणाचल के छात्र नीडो तनियम की मौत का मुद्दा लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने उठाया.
उन्होंने सरकार से पूर्वोत्तर के छात्रों की हिफाजत का मामला उठाते हुए पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए ज्यादा हॉस्टल बनाने की मांग की.
सुबह कार्यवाही शुरू होने पर सदन के दिवंगत सदस्यों और दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सदन ने मौन रखा.
लोकसभा हंगामा
लोकसभा में तेलंगाना मामले पर हंगामा शुरू हुआ.
इसके बाद अध्यक्ष मीरा कुमार ने जैसे ही प्रश्नकाल चलाने को कहा, सीमांध्र क्षेत्र के कांग्रेस सदस्य और टीडीपी सदस्य एकीकृत आंध्र प्रदेश की मांग करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए. उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिसे पर लिखा था, 'आंध्र प्रदेश को एकजुट रखें'.
इसके साथ ही अकाली दल के सदस्य साल 1984 के सिख विरोधी दंगों का विषय उठाते हुए आसन के करीब आ गए. उनके हाथों में तख्तियाँ थीं, जिन पर मामले में तेज़ कार्रवाई करने की मांग की गई थी.
कई सदस्य राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के विषय को उठाते हुए कथित भेदभाव किए जाने का आरोप लगा रहे थे.
इससे पूर्व, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी पक्षों से अपील की कि वे संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सरकार का सहयोग करें.
संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि संसद में सुचारू रूप से कामकाज होगा.
तेलंगाना मुद्दे पर संसद के बाधित होने की आशंका पर एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, "कुछ दिक्कतें हैं. उम्मीद है कि सभी पक्ष अपने पूर्वाग्रह अलग रखकर विवेक दिखाएंगे और सदन के सहज कामकाज के लिए अनुकूल माहौल बनाएंगे."

क्या फ़ेसबुक के दिन अब लदने वाले हैं?


फेसबुक
अभी फेसबुक के 10वें जन्मदिन का केक कटा भी नहीं और अटकलें लगनी शुरू हो गईं कि क्या फेसबुक अपना 11वाँ जन्मदिन मना पाएगा?
यदि हाल के कुछ अध्ययनों पर गौर किया जाए तो यही बात सामने आती है कि अब क्लिक करें फेसबुक के दिन गिनती के रह गए हैं.
अध्ययन से जुड़ी रिपोर्टों में कहा गया है कि फेसबुक यूजर्स परेशान हैं, युवा पीढ़ी इसे ऊब चुकी है और एक सर्वे में तो इसकी तुलना संक्रामक रोग तक से कर दी गई.
इन रिपोर्टों में अकसर फेसबुक के जनक मार्क जुकरबर्ग की उदास तस्वीर लगी होती है.
प्रिंस्टन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने क्लिक करें गूगल सर्च की मदद से जब अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया था कि अगले तीन साल में फेसबुक की लोकप्रियता 80 फ़ीसदी कम हो जाएगी, तो इस सोशल नेटवर्क ने भी पलटवार किया.
आँकड़ों पर नज़र रखने वाले फ़ेसबुक के अपने वैज्ञानिकों ने उसी तरीक़े का इस्तेमाल करके भविष्यवाणी कर दी कि उस विश्वविद्यालय में 2021 तक कोई छात्र ही नहीं रहेगा और दुनिया 2060 में हवा हो जाएगी.
फोरेस्टर रिसर्च से जुड़े विश्लेषक नेट एलिएट ने अपने ब्लॉग में लिखा, "नियमित रूप से फेसबुक में नई-नई सुविधाएं जोड़ना और साइट की कार्यक्षमता को बढ़ाना इसकी बड़ी ताकत रही. इससे युवा वर्ग इसकी ओर तेज़ी से आकर्षित हुआ. इसकी इस विशेषता ने मौजूदा यूज़र्स को भी इसके आकर्षण से बांधे रखा."
नेट एलिएट ने नेट से जुड़ी कॉमस्कोर कंपनी के आंकड़ों की ओर भी इशारा किया है. इसमें बताया गया है कि नवंबर 2013 में 18 से 24 साल के बीच के 86 फ़ीसदी अमरीकी युवाओं ने फेसबुक का इस्तेमाल किया.
उन्होंने लिखा, "फेसबुक पर किसी दूसरे सोशल नेटवर्क की तुलना में ज्यादा युवा मौजूद हैं."

किशोर लो-प्रोफाइल हो रहे हैं

मार्क जुकरबर्ग
फेसबुक की उम्र भले ही बढ़ रही हो, मगर मार्क जुकरबर्ग आज भी तरोताज़ा और बेपरवाह दिखाई देते हैं
मगर हर सर्वे को इस तरह ख़ारिज करना फ़ेसबुक के लिए संभव नहीं रहा है.
डिजिटल एजेंसी आईस्ट्रेटजीलैब ने फेसबुक के ही सोशल एडवर्टाइजिंग से जुड़े आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि पिछले तीन साल में 30 लाख अमरीकी किशोरों ने फेसबुक पर आना छोड़ दिया है.
एजेंसी की यह रिपोर्ट उस शोध को आगे ले जाती है जो प्यू इंटरनेट सेंटर रिसर्च पहले कर चुका था. उसमें कहा गया था कि माता-पिता की बंदिशों के कारण किशोर फेसबुक पर कम आ रहे हैं.
रिसर्च में कहा गया कि सच तो यह है कि किशोर अपने माता-पिता के साथ एक ही डिजिटल स्पेस साझा करने से कतराने लगे हैं.
माता-पिता अपने बच्चों की कई ऐसी तस्वीरें फेसबुक पर साझा करते हैं जो उन्हें तो बहुत मज़ेदार लगती हैं मगर वही तस्वीरें उनके बच्चों के लिए फेसबुक फ्रेंड्स के बीच मज़ाक का सबब बन जाती हैं.
इसके अलावा माता-पिता की बच्चों को दी गई अजीबो-गरीब हिदायतें भी फेसबुक पर उनके लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर देती हैं.
प्यू के अनुसार इन वजहों से किशोर फेसबुक पर लो-प्रोफाइल होने लगे हैं और वे व्हाट्सऐप और स्नैपशॉट पर ज्यादा वक्त बिताने लगे हैं.

फेसबुक की अर्थव्यवस्था

फेसबुक
फेसबुक 10 साल का हो गया है
मगर जहां इस रिपोर्ट में युवाओं की संख्या में 25 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई वहीं यह भी पाया गया कि 55 साल और उससे ज्यादा उम्र के जितने लोग फेसबुक का इस्तेमाल करते थे उनकी संख्या में 80 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.
तो क्या इसका मतलब यह है कि फेसबुक के पुराने पड़ते जाने के साथ-साथ ज्यादा उम्र के लोग इसका अधिक इस्तेमाल करने लगे हैं?
विश्लेषण करने वाली कंपनी ओवम की एक विश्लेषक ईडेन जोलर ने बताया, "अधिक उम्र के लोगों का इससे जुड़ना एक सकारात्मक प्रवृत्ति है क्योंकि इन लोगों के पास युवाओं की तुलना में क्लिक करें खर्च करने की ज्यादा क्षमता है."
मगर साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फेसबुक इन युवाओं को अनदेखा नहीं कर सकता क्योंकि यही युवा कल के निवेशक होंगे.
इसलिए उन्होंने सुझाव दिया, "फेसबुक को मोबाइल वीडियो ऐप जैसी नई तकनीकों को अपनाते रहना होगा."

मोबाइल प्लेटफार्म पर ज़ोर

"अधिक उम्र के लोगों का इससे जुड़ना एक स्वागत योग्य कदम है क्योंकि इनके पास युवाओं की तुलना में खर्च करने की ज्यादा क्षमता होती है"
ईडेन जोलर- ओवम कंपनी की विश्लेषक
फेसबुक अपने यूजर्स को जोड़े रख पाएगा या नहीं- ऐसी अटकलें मार्क ज़ुकरबर्ग की नींद उड़ा सकती हैं. अफ़सोस कि फेसबुक के जन्मदिन के तोहफ़े में उनके लिए रिकॉर्ड परिणामों की लड़ियाँ ज़्यादा हैं.
मार्क ज़ुकरबर्ग ने फेसबुक की शुरुआत हॉवर्ड के एक छोटे से कमरे से की थी. इसके शुरुआती यूज़र्स केवल किशोर थे. अब इसके यूज़र्स की संख्या एक अरब 23 करोड़ हो गई है.
फ़ेसबुक की आमदनी 2013 में 55 फीसदी बढ़कर सात अरब 87 करोड़ डॉलर हो गई जबकि मुनाफा सात गुना बढ़ गया.
स्नैपशॉट खरीदने के लिए लगाई बोली विफल होने के तुरंत बाद फेसबुक ने मोबाइल एडवर्टाइजिंग जैसी सकारात्मक कोशिशें करनी शुरू कर दी.
नतीजा ये हुआ कि फेसबुक ने दो अरब 34 करोड़ डॉलर आँकड़ों पर नजर रखने और इसके विज्ञापनों की उपयोगिता में सुधार लाने का वादा करने वाली फर्म में निवेश कर दी.
ओवम की विश्लेषक जोलर का कहना है, "मोबाइल विज्ञापनों में अविश्वसनीय ढंग से लोगों को अपनी ओर खींचने की ताकत है."

मानवसुलभ जिज्ञासा

फेसबुक
कहीं मानवसुलभ जिज्ञासा लोगों को फेसबुक पर तो नहीं खींचती
फेसबुक के बारे में अटकलें लगाने वाले जितने भी सर्वे हैं, हैरानी की बात है कि उनमें से किसी एक में इस बात का कोई विश्लेषण मौजूद नहीं है कि क्यों लोग अब भी फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं.
बीबीसी के पूर्व तकनीकी डेस्क एडिटर और फेसबुक कम्युनिकेशन मैनेजर इयन मैकेंज़ी ने अपने ताजा स्टेटस में बताया है कि क्यों फेसबुक आज भी प्रासंगिक है.
मैकेंज़ी ने लिखा, "लोग अपनी हर बात, मसलन बच्चे का जन्म, शादी, अलगाव, खुशी, गम, नौकरी, आदि कई बातें साझा करना चाहते हैं. यह सब फेसबुक पर संभव हो गया है. यहां उन्हें अपने पसंदीदा गीत भी मिल जाते हैं और वे किसी बिल्ली की तस्वीर पर लाइक भी क्लिक कर सकते हैं."
सच तो ये है कि इंसान की एक प्रवृत्ति है- जिज्ञासा, उत्सुकता. फेसबुक ने लोगों के इसी स्वभाव को साधा है.
हम चाहें पसंद करें, या ना करें, फेसबुक लोगों के जीवन का ऑनलाइन उपन्यास बन चुका है. और अधिकतर लोगों में इसे पढ़ने की तलब अब भी कम नहीं हुई है.

आरटीआई, लोकपाल के बाद अब जन शिकायत निवारण बिल : तंवर

सिरसा, 5फरवरी।
             संसद के मौजूदा सत्र में केंद्र की यूपीए सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आम जनता के प्रति अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने के लिए जन शिकायत निवारण बिल लेकर आ रही है। यह जानकारी कांग्रेस सांसद डा. अशोक तंवर ने बुधवार को कालांवाली हलके में जय सिरसा लोकसभा यात्रा के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए दी।

      डा. अशोक तंवर ने कहा कि भ्रष्टाचार देश के विकास में एक बड़ी समस्या है और इस समस्या को दूर करने के लिए कांग्रेस ने पहले सूचना का अधिकार और लोकपाल बिल पारित कराया। अब आम आदमी के प्रति प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक संवेदी व जवादेह बनाने के लिए आगामी जन शिकायत निवारण बिल एक कारगर कदम होगा। इससे जनता की समस्या की अनदेखी करने पर संबंधित अधिकारियों को जवाब देना होगा। यह बिल प्रशासनिक सुधारों की दिशा में सरकार का एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि जय सिरसा लोकसभा यात्रा के माध्यम से सिरसा संसदीय क्षेत्र में विकास का एक नया संदेश पहुंचा है।
    कांग्रेस सांसद ने कहा कि केंद्र की यूपीए और हरियाणा की कांग्रेस सरकार ने पहले भी देश के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए है। महात्मा गांधी नरेगा से जहां गांव का विकास हुआ, वहीं गरीब मजदूर को गांव में ही काम मिलने लगा। इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा अधिनियम से गरीब को सस्ता अनाज और भूमि अधिग्रहण के नए अधिनियम से किसान-मजदूरों के हितों की रक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सिरसा संसदीय क्षेत्र में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान चालीस हजाार करोड़ रुपए की बड़ी परियोजनाएं पहुंची है। डबवाली से हिसार वाया सिरसा-फतेहाबाद चार मार्गीय हाइवे, सिरसा से हिसार वाया अग्रोहा-फतेहाबाद, डबवाली से कालांवाली नई रेल लाईन तथा देश का सबसे बड़ा पावर प्लांट भी सिरसा संसदीय क्षेत्र में आया। डा. तंवर ने कहा कि इन बड़ी परियोजनाओं से क्षेत्र में औद्योगिक विकास की संभावनाएं पैदा हो रही है, जिनसे रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे लेकिन इस विकास का स्वागत करने की बजाए विपक्षी दल बौखलाहट में विरोध पर उतर आए है।
जब बाइक पर सवार होकर गदराना पहुंचे सांसद
    हलके में जगह-जगह सांसद का बैंड-बाजे और मोटरसाइकिलों के काफिले से स्वागत किया। गांव गदराना से पहले तो सांसद तंवर एक युवा कांग्रेसी की बाइक पर स्वयं सवार हो गए और गांव में बाइक पर ही पहुंचे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को सबक सिखाने का अब वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि आज जनता जागरुक है और विपक्षी दलों की राजनीति को पहचान चुकी है। सांसद ने गांव हस्सू, देसूमलकानां, कालांवाली गांव, कालावाली मंडी, गदराना, लकड़ावाली, गदराना आदि में बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया।
यह रहें कार्यक्रम में मौजूद
    पूर्व विधायक मनीराम केहरवाला, कुलदीप गदराना, ओमप्रकाश केहरवाला, शीशपाल केहरवाला, गुरुनाम झब्बर, महिला कांग्रेस प्रधान रीना बिरट, जयपाल लाली, कालांवाली नपा प्रधान जगशीर सिंह गिल, कुलदीप गदराना, जगशीर मिठड़ी, प्रो. राजेश वैद्य, मेजर सिंह खतरावां, ओमप्रकाश लुहानी, सतिंद्रजीत सिंह सोनी, मंगत हस्सू, शिवराज हस्सू,  रामफल लोट, राजेश अंबरसर, गुलाब सिंह नौरंग, हरदास रिंकू, अमित सोनी, अनिल शर्मा, बलदेव मलाड़, हंसराज मोरवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी साथ रहे।
               

कैप्शन : गांव गदराना में जय सिरसा लोकसभा यात्रा के दौरान बाइक चलाकर जनसभा स्थल की ओर जाते कांग्रेस सांसद डा. अशोक तंवर

कैप्शन : कालांवाली हलके में आयोजित एक ग्रामीण जनसभा के दौरान आम जनता से सीधा संवाद करते कांग्रेस सांसद डा. अशोक तंवर

श्याम की झांकी में चूहे खींचंगे भगवान गणेश की सवारी

सिरसा, 5 फरवरी। अब तक धार्मिक पुस्तकों में पढ़ा है कि चूहा गणेश की सवारी है। 9 फरवरी को श्रीश्याम परिवार ट्रस्ट द्वारा अनाज मंडी से निकाली जाने वाली शोभा यात्रा में चूहे ही भगवान गणेश की झांकी को खींचते हुए दिखाई देंगे।शोभा यात्रा और उत्साव की तैयारियों को लेकर मंदिर प्रांगण में बडे पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं। कोलकाता से आए हुए कलाकार विभिन्न झांकियों को सजाने में जुटे हुए हैं। क्ले माडलिंग और मूर्ति कला के अनेक प्रतिभावान कलाकार झांकियों को सजा रहे हैं। इन कलाकारों द्वारा करीब दो दर्जन झांकियों को मूर्त रूप दिया जाएगा। इन कलाकारों ने बताया कि इन झांकियों में रामायण और महाभारत के अनेक रोचक प्रसंगों को साकार रूप देकर प्रर्दशित किया जाएगा। महाराजा दशरथ का भव्य दरबार, बरबरीक द्वारा शीश का दान देने का अत्यंत भावुक दृश्य स्वयं मुंह से बोलता हुआ दिखाई देगा। इसी प्रकार भगवान श्याम का चांदी से सजा दरबार के साथ अनेक आकर्षक झांकियां इस शोभा यात्रा में शामिल होंगी। आयोजन समिति से जुड़े राजेश मदान और मीना मुक्ता ने बताया कि चार दिन चलने वाले श्याम महोत्सव को श्रद्धापूर्वक मनाने के लिए शहर के तमाम श्याम भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। मदाने ने बताया कि भगवान श्याम की झांकी को शहर के श्याम भक्त स्वयं अपने हाथों से खींचते हुए ले जाएंगे। इलाहाबाद से भगवान हनुमान के स्वरूप का साक्षात दर्शन करवाने के लिए एक अदभुत् कलाकार आमंत्रित किया गया है।

भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने ली कार्यकर्ताओं की बैठक


सिरसा, 5 फरवरी। भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सुमन कार्यक्रम में मुख्यातिथि थी तथा अध्यक्षता जिला प्रधान शैलेंद्रा चौधरी ने की। सर्वप्रथम शैलेंद्रा चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष तथा अन्य अतिथियों का स्वागत किया और जिला महिला मोर्चा द्वारा संगठन को मजबूत करने के साथ साथ पार्टी प्रचार अभियान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। चौधरी ने कहा कि महिलाओं में देश के भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस किसी को भी उम्मीदवार बनायेगी यहां का महिला मोर्चा उसे रिकार्ड मतों से विजयी बनाने के लिए काम करेगा। महिला कार्यकर्ताओं के जोश से उत्साहित प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने शैलेंद्रा चौधरी की पीठ थपथपाई और शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि सिरसा जिला महिला मोर्चा मजबूत संगठन के साथ पार्टी के देश व्यापी अभियान में अपनी प्रमुख उपस्थिति दर्ज करवाएगा। उन्होंने कहा की आज पूरे देश में भाजपा और नरेंद्र मोदी के नाम की लहर चल रही है और भाजपा ही महिलाओं के कल्याण के लिए सर्वश्रेष्ठ काम कर सकती है। उन्होंने कहा कि जिला मोर्चा से लेकर मंडल स्तर तक सभी कार्यकर्ता एकजुट हो जाएं और आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए जी-जान लगाकर काम करें। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष आशा जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष जसविंद्र पाल पिंकी, जिला महामंत्री मीरा, जिला सचिव सुमन जांगड़ा, कमलेश शर्मा, कृष्णा जांगड़ा, सरोज खालसा, जसवीर कौर, पूनम चुघ, ज्योति, किरण सैन, किरण सोनी, चंपा रानी, राजरानी, मीना सैनी सहित काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।