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02 January 2020

20 वें श्री अखंडपाठ साहिब का भोग डाला

ओढां
नौजवान सभा ओढां की ओर से नववर्ष के उपलक्ष्य में पुरानी अनाज मंडी धर्मशाला में आयोजित 20 वें श्री अखंडपाठ साहिब का भोग डाला गया। इस अवसर पर अमृतपाल सिंह ने अपने साथियों के साथ संगतों को सिख इतिहास से परिचित करवाते हुए शब्द कीर्तन से निहाल किया। इस अवसर पर नौजवान सभा के प्रधान तरसेम सिंह भोला ने बताया कि नववर्ष के उपलक्ष्य में यह आयोजन समस्त कस्बावासियों के सहयोग से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है जिसमें कस्बे के युवा बढ चढ़कर भाग लेते हैं। इस अवसर पर अनेक सरकारी विभागों व गणमान्य लोगों को सिरोपे भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार गांव सालमखेडा में भी ग्राम पंचायत द्वारा समस्त गांववासियों के सहयोग से प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले श्री अखंडपाठ का भोग डाला गया। इस अवसर पर बिटू सिंह, सीता सिंह, राजू, गुरमेल सिंह, जगमीत सिंह और काला सिंह सहित अनेक लोग मौजूद थे।

श्री रामचरित मानस का अखंड पाठ सम्पन्न

ओढ़ा
श्री अखंड ज्योत संकट मोचन हनुमान मंदिर ओढ़ा में आयोजित श्री रामचरित मानस का अखंड पाठ का समापन आज नववर्ष के अवसर पर हुआ। अखंड पाठ पंडित सीताराम शास्त्री, पंडित अशोक शर्मा व पंडित महेंद्र शर्मा द्वारा किया गया। समापन पर पूजन के बाद विधिवत मंत्रोच्चारण के मध्य हवन यज्ञ आयोजित किया गया जिसमें सभी उपस्थितजनों ने आहुति डाली।
तदुपरांत प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर श्री सालासर भंडारा संघ ओढां के सदस्य व प्रधान सहदेव गोदारा, जोतराम शर्मा, रामप्रताप गोदारा, संदीप कांसल, राधाकृष्ण गोदारा, पंडित कृष्णलाल शर्मा, पंडित अभय राम शर्मा, पंडित राहुल शर्मा, रमेश बाटू, पवन गोदारा, देवीलाल गोदारा और सुरेंद्र गोदारा सहित अनेक रामभक्त श्रद्धालु उपस्थित रहे।

छायाचित्र: 1ओडीएन4.जेपीजी-ओढां। हवन यज्ञ का दृश्य।

सात दिवसीय शीतकालीन राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर शुरू

ओढां


राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओढां में एनएसएस की 50 वीं वर्षगांठ पर आयोजित सात दिवसीय शीतकालीन राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी ओढां हरमेल सिंह ने किया।
 नोडल अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा व पंजाबी प्रवक्ता जितेंद्र गर्ग ने बताया कि शिविर के दौरान रेडक्रॉस सोसाइटी हयिाणा की ओर से बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा की ट्रेनिंग दी जाएगी तथा कौशल विकास कार्यक्रम भी आरंभ किया जाएगा। शिविर के प्रथम दिन स्वयंसेवकों ने स्वेच्छा से श्रमदान करते हुए सफाई कार्य शुरू करते हुए सभी के लिए भोजन की व्यवस्था भी स्वयं की। इस अवसर पर प्राचार्य विक्रमजीत सिंह, एसएस हरपाल सिंह व राजविंद्र सिंह सहित स्टाफ के अन्य लोग भी उपथित रहे।
इसी प्रकार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नुहियांवाली में भी शीतकालीन सात दिवसीय विशेष राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का शुभारंभ गांव के सरपंच बाबूराम गैदर ने विद्या की देवी मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से बच्चों में समाजसेवा तथा भाईचारे की भावना पैदा होती है अत: ऐसे शिविरों का आयोजन नियमित होना चाहिए। निशु, मीरा, नीतूबाला स्वयंसेविकाओं ने स्वागत गीत और कोमल, पुष्पा, ज्योति ने राष्ट्रीय सेवा योजना लक्ष्य गीत उठें समाज के लिए गाया। विद्यालय कार्यवाहक प्राचार्य रोहताश ने स्वच्छता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे शिविरों से स्वयंसेवकों में अनुशासन, राष्ट्रीयता तथा आत्मविश्वास की भावना पैदा होती है। शिविर प्रभारी हिंदी प्राध्यापक पवन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का आरंभ 24 सितबंर 1969 को महात्मा गांधी की 100 वीं जयंती पर हुआ। अब 50 वर्ष पूरे होने पर इसकी स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य सभी युवा छात्रों को सामुदायिक सेवा गतिविधियों एवं कार्यकर्मों में भाग लेने के अवसर प्रदान करना है। पहले दिन विद्यालय कैम्पस की सफाई की गई। इस मौके पर एस एम सी प्रधान लीलाधर, बलविन्द्र सिंह, उज्जल सिंह, महावीर सिंह, शिशपाल, माडूराम आदि स्टॉफ सदस्य मौजूद थे।
छायाचित्र: 1ओडीएन2एवं3.जेपीजी-ओढां। शिविर का शुभारंभ करते खंड शिक्षा अधिकारी ओढां हरमेल सिंह एवं नुहियांवाली शिविर में सफाई करते स्वयंसेवक।

25 March 2018

चेत्र नवरात्रि के समापन पर श्री दुर्गा मंदिर में हवन यज्ञ व कंजक सम्मान समारोह

श्री रामनवमी के उपलक्ष्य में जलपान वितरण व श्रीराम चबूतरे पर दीपमाला की
ओढ़ां
चैत्र नवरात्रि के समापन अवसर पर श्री सालासर यात्री संघ ओढ़ां की ओर से पुरानी मंडी में स्थित श्री दुर्गा मंदिर में हवन यज्ञ और कंजक सम्मान समारोह आयोजित किया गया जिसमें अनेक महिला पुरूष श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
हवन यज्ञ में मंदिर के पुजारी सत्यदेव शर्मा ने श्री सालासर यात्री संघ ओढ़ां के प्रधान मास्टर हरीराम गोयल के हाथों पूर्णाहुति डलवाई। इस अवसर पर पंडित सत्यदेव शर्मा द्वारा हवन यज्ञ का महत्व बताते हुए पूजा अर्चना सम्पन्न करवाई गई और रक्षा सूत्र बांधे गए। तदुपरांत मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं द्वारा कंजकों के चरणों को श्रद्धापूर्वक धोने के पश्चात पूजन करके कडाही सहित अनेक व्यंजन परोसे गए। उपहार तथा फलाहार वितरित किया गया।
वहीं राम नवमी के उपलक्ष्य में श्री सालासर यात्री संघ की ओर से श्रद्धालुओं को श्री रामलीला मैदान में चाय, मिष्ठान व जलपान वितरित किया गया तथा सभी ने एक दूसरे को गले से लगाते हुए राम नवमी की बधाई दी। इस अवसर पर श्री सालासर यात्री संघ कार्यालय में श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया गया जिसमें अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अंत में श्री रामलीला मैदान में स्थित श्री राम चबूतरे पर दीए और मोमबत्तियां लगाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां भवानी, जय श्री राम, जैकारा वीर बजरंगी और हर हर महादेव आदि के जयघोष करते हुए श्रद्धापूर्वक उत्सव में भाग लिया।
इस मौके पर श्री सालासर यात्री संघ के प्रधान मास्टर हरीराम गोयल, उपप्रधान सुरेंद्र बांसल, संस्थापक सतीश गर्ग, सचिव रतनलाल गर्ग, कोषाध्यक्ष रामलाल गर्ग, सलाहकार हैप्पी गर्ग, रामपाल व राम लाल सिंगला, राजकुमार गर्ग, अमनदीप गोयल, विनोद गोयल, विकास, संदीप, राधेश्याम गोयल और लक्षित गर्ग सहित अनेक महिला पुरूष श्रद्धालु तथा काफी संख्या में कन्यायें मौजूद रही।

छायाचित्र: ओढ़ां। हवन यज्ञ में आहुति डालते प्रधान हरीराम गोयल व अन्य।

डेरा शाह मस्ताना बिलोचिस्तानी आश्रम में मासिक सत्संग आयोजित

ओढ़ां
खंड के गांव घुकांवाली में बस स्टेंड के निकट स्थित डेरा शाह मस्ताना बिलोचिस्तानी में मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग के दौरान डेरा प्रबंधक बाबा गुरदयाल सिंह ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए फरमाया कि यह मनुष्य जन्म अति दुलर्भ है जो परमात्मा ने हमें दिया है। उस मालिक ने मनुष्य को जन्म इसलिये दिया कि वो रामनाम सुमिरन कर अपना जीवन सफल बनाये, लेकिन इस जग में आकर मनुष्य विषय विकारों में उलझकर अपने मूल उद्देश्य को भुला बैठा है। उन्होंने कहा कि भगवान ने मनुष्य को इस जग में इसलिये भेजा ताकि वो अच्छे कर्म करते हुये चौरासी के चक्कर से मुक्त हो जाये तथा उसका यह उद्देश्य नाम का सुमिरन करने से पूरा हो सकता है। कहा जाता है कि यदि कुछ पाना है तो कुछ खोना भी पड़ता है लेकिन नाम का सुमिरन करने पर तो कुछ खर्च भी नहीं होता लेकिन सुमिरन के अभाव में जो मनुष्य भगवान की कृपा से विमुख हो जाता है उसे दर दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं।
इस अवसर पर भजन गायकों ने विभिन्न भजनों 'एह वक्त गुजरदा जांदा है, लक्खां विच्चों कोई बिरला मुल्ल वक्त दा पौंदा हैÓ 'मैं नीवां ते मेरा मुरशद ऊच्चाÓ 'मिलियां तेरे दर तों सतगुरु जी रहमतां हजारांÓ 'तूं जप लै सतगुरु दा नाम तेरी दो दिन दी जिंदगानीÓ 'तेरे नाम दी एह संगत दीवानीÓ 'मेरे सतगुरु जी मुझे बुला लो मैं दर आने के काबिल नहीं हूंÓ 'मीरां वाली लगन लगाके देख लै आवेगा जवाब तार पाके वेख लैÓ 'लानत है लानत तैनूं कर्मा देया मारेया, अपना तूं चंगा मंदा कदे ना विचारेयाÓ 'शाह मस्ताना जी नूं हाल अपना मैं सुणाके देखां... द्वारा संगतों को निहाल किया तथा अटूट लंगर भी बरताया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु मौजूद थे।