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04 June 2017

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सात दिवसीय समर कैंप का दूसरा दिन


ओढ़ां
खंड ओढ़ां के गांव नुहियांवाली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे सात दिवसीय समर कैंप के दौरान दूसरे दिन का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

सर्वप्रथम म्यूजिक टीचर रणजीत सिंह और सतीश कुमार ने विद्यार्थियों को हारमोनियम का बेसिक ज्ञान देते हुए बताया कि हारमोनियम एक संगीत वाद्य यंत्र है। यह तीन सप्तकों का संगम है। इसमें तार, मध्य और तीव्र सप्तक होते है। एक सप्तक में सात शुद्ध स्वर और पांच विकृत स्वरों के साथ कुल बारह स्वर होते है जिनमें से रे, गा, धा, नी ये चार कोमल और मा तीव्र विकृत स्वर है तथा सा और पा अचल स्वर है। उन्होंने प्रथम सरगम आरोह -अवरोह में करवाते हुए स्वर के साथ ताल का भी ज्ञान दिया।
म्युजिक टीचर रणजीत सिंह ने पंजाबी गीत 'मेरा की है हाल मेरी मां नू ना दसनाÓ व 'छल्लाÓ सुनाया। इसी प्रकार रितु ने 'मेरी बेबे मेरे फिकरा विचÓ गीत सुनाया। आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर प्रिंस कुमार ने विद्यार्थियों को पेंटिग के बारे में बताते हुए कहा कि पेंटिग एक कला है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ साथ इसमें भी रूचि लेनी चाहिए। इस दौरान बच्चों ने अपनी रुचि के अनुसार सुन्दर सुन्दर पेंटिग बनाई। इस मौके पर प्रधानाचार्य अमनपाल, प्रीतम सिंह, हरपाल सिंह, पवन देमीवाल, नीलकिरण शर्मा, माड़ूराम, मयूजिक टीचर सतीश कुमार, रणजीत सिंह, सुशील सारस्वत, आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर प्रिंस कुमार सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।

प्रधानाचार्य अमनपाल ने किया सात दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ

ओढ़ां
खंड के गाँव नुहियांवाली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सात दिवसीय समर कैंप शुरू हुआ। कैंप का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाचार्य अमनपाल ने किया।


इस कैंप में कुल 50 विद्यार्थी भाग ले रहे है जिन्हें दो समूहों छ_ी से आठवीं व नौवीं से बारहवीं तक में रखा गया है। म्यूजिक टीचर सुशील सारस्वत ने बताया कि कैंप में विद्यार्थियों को बच्चों की रूचि के अनुसार संगीत गायन, विजुअल आर्ट एंड क्राफ्ट, डांस, तबला व थिएटर आदि सिखाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ाई के साथ साथ संगीत, गायन, पैंटिंग व डांस के प्रति भी प्रेरित करना है जो कि समय की मांग है। इससे विद्यार्थियों में बुद्धि के विकास सहित अन्य गतिविधियों के प्रति रुचि पैदा करना तथा बच्चों में छुपी प्रतिभा को उभारना है। ढुकड़ा के म्युजिक टीचर सतीश कुमार ने मंच पर प्रस्तुति के बारे में बताते हुए कहा कि हमें भूमिका बनाने में सकारात्मक बॉडी लैंगवेज का प्रयोग करना चाहिए जिससे आत्मविश्वास पैदा होता है। मंच पर बोलना एक कला जो दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। आज प्रथम दिवस विद्यार्थियों का परिचय व रुचि की जानकारी ली गई। इस मौके पर विद्यार्थियों ने भी अपनी रूचि के अनुसार प्रस्तुतियां देते हुए भाव व्यक्त किए। इस मौके पर म्युजिक टीचर सुशील सारस्वत, सतीश कुमार, रणजीत सिंह, ऑर्ट एंड क्राफ्ट टीचर प्रिंस कुमार, पवन देमीवाल, हरपाल सिंह, प्रीतम सिंह, राजेश जैन, प्रीति जैन और माड़ूराम सहित सभी स्टॉफ सदस्य मौजूद थे।

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित

ओढ़ां
गांवों में टेलेंट को उसके मुकाम तक पहुंचाने में मदद करने का बीड़ा आंगनवाड़ी वर्करों ने उठाया है। उपमंडल के सभी गांवों की आगनवाड़ी वर्कर मिलजुल कर दसवीं व बारहवीं कक्षा पास कर चुकी छात्राओं को कैरिर से जुड़ी काउंसलिंग देंगी।

इसे लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय ओढ़ां के बैठक कक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से एक कार्यशाला आयोजित की गई।
इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी डॉ. दर्शना सिंह ने कैरियर काउंसलिंग गाइड के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए आंगनवाड़ी वर्करों का मार्गदर्शन किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओढ़ां से पंजाबी प्रवक्ता जितेंद्र गर्ग ने सभी स्कूलों व कॉलेजों के बारे में जानकारी दी। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी ओढ़ां हरमीत कौर आंगनवाड़ी वर्करों को प्रशिक्षित किया ताकि वे दसवीं व बारहवीं पास बच्चों को उनके कैरियर के बारे में जागरूक कर सकें। सीएचसी ओढ़ां डॉ. अमित कंबोज सहित अन्यों ने भी संबोधित किया। इस कार्यशाला में सरपंच लखबीर कौर, महिला पंच इंद्रावती, प्रदीप कुमार, गुरविंद्र कुमार, चरणजीत कौर, ओमप्रकाश व लिपिक जसवंत सिंह सहित आंगनवाड़ी वर्करों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में नशामुक्ति पर सैमिनार आयोजित

ओढ़ां
गांव पन्नीवाला मोटा में आज विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम सुधार युवा मंडल तथा ओलिंपिक फुटबॉल एवं स्पोर्ट्स युवा क्लब के सदस्यों द्वारा नशामुक्ति केंद्र कालांवाली तथा पुलिस प्रशासन के सहयोग से नशामुक्ति पर सैमिनार करवाया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बलवंत सिंह जस्सू एसएचओ ओढ़ां ने शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए क्लब प्रवक्ता प्रवीण कस्वां तथा संदीप बादल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उपस्थितजनों को नशे जैसी सामाजिक तथा व्यक्तिगत बुराई से दूर रहकर अपनी कार्यक्षमता का कुशलतापूर्वक प्रयोग करने तथा आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। थाना प्रभारी ओढ़ां बलवंत जस्सू, नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के डाक्टर शमशेर सिंह, बाल संरक्षक विभाग से राकेश सैन, हैड कांस्टेबल व नशामुक्ति टीम पहल के सदस्य प्रमोद कुमार, क्ललब संरक्षक प्रदीप कुमार बैनीवाल और क्लब प्रधान भजन लाल सिंहमार आदि ने कहा कि नशे जैसी बुराई की लत व्यक्ति को आरंभ में शौक रूप में लगती हैं लेकिन समय बीतने के साथ यह व्यक्ति की मजबूरी बन जाती हैं तथा उसे पतन की ओर ले जाने के साथ-साथ उसे असामाजिक कार्य करने को भी बाध्य करती हैं। नशा हमारे समाज के लिए एक भयंकर समस्या बन चूका हैं तथा यह युवा वर्ग को अपनी चपेट में लेकर राष्ट्र, समाज तथा पारिवारिक विकास को प्रभावित तथा दिशाहीन कर रहा हैं। हमें इस से बचकर लगातार कार्य करते हुए राष्ट्रहित में आगे बढऩा चाहिए।
उपस्थित सभी मेहमानों ने नशामुक्ति के क्षेत्र में काम करते हुए समाज के विकास में अपना अहम योगदान देने पर डॉ. शमशेर सिंह तथा हैड कांस्टेबल प्रमोद कुमार की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर क्लब सचिव राकेश वर्मा, नवाब खान, अनिल कस्वां, सतवीर भारी, ओढ़ां थाना से सुभाष चंद्र, नशा मुक्ति केंद्र से गुलाब सिंह, ओमप्रकाश, गांव से पंच पृथ्वी राम डूडी, डॉ. शिशपाल, डॉ. हरिसिंह, अध्यापक महेंद्र लुटासरा, सुरेश लुटासरा, कृष्णलाल सहारण, रामकुमार पेंटर, दीपक माहेश्वरी और सुरेंद्र कस्वां सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

तम्बाकू का सेवन मौत को निमत्रंण के समान- देमीवाल

रावमावि नुहियांवाली में मनाया गया विश्व तंबाकू निषेध दिवस
ओढ़ां
खंड के गांव नुहियांवाली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर हिंदी व्याख्याता पवन देमीवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि 31 मई को प्रतिवर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। यह दिवस मनाने का उद्देश्य आमजन को तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों, हानियों और बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान के रूप में तंबाकू नामक जहरीले पदार्थ के धुएं का सेवन व्यक्ति को समय से पहले मृत्यु के द्वार तक ले जाता है। इसके अतिरिक्त गुटखा, जर्दा अथवा किसी भी रूप में तंबाकू का सेवन व्यक्ति के शरीर के साथ साथ सामाजिक व आर्थिक स्थिति को भी कमजोर बना देता है। वर्तमान में तंबाकू के सेवन से लाखों लोग विभिन्न गंभीर बीमारियों के शिकार होकर असमय मौत के मुँह में जा रहे हैं। तंबाकू को खतरनाक, जानलेवा और धीमा जहर बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका सेवन मौत को निमंत्रण देने के समान है। तंबाकू सेवन गले, जीभ, मसूढे, गाल, फेफड़े और मुंह के कैंसर तथा दमा व अल्सर बीमारियों का कारण बनता है। तंबाकू में मौजूद निकोटीन एक रासायनिक यौगिक है जो एक शक्तिशाली परानुकंपीसम अल्कलॉयड तथा उद्दीपक ड्रग है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्वभर में प्रतिवर्ष 50 से 60 लाख लोगों की मृत्यु तंबाकू के सेवन से होती है जिनमें 20 प्रतिशत भारतीय होते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में आठ सेकेण्ड में एक मौत तम्बाकू के कारण और पांच मौतों में से एक मौत तम्बाकू के कारण होती है। अगर यही स्थिति रही तो 2030 तक यह आंकड़ा एक करोड़ प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगा। अकेले भारत में 15 करोड़ से अधिक व्यक्ति धूम्रपान करते है जिससेबचने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति का होना अनिवार्य है। इसके साथ ही चिकित्सीय विधियों को अपनाकर एवं नशामुक्ति केन्द्र में उपचार करवाकर भी इस लत से घुटकारा पाया जा सकता है। अर्थशास्त्र प्रवक्ता बुटा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 2 अक्तूबर 2008 से पूरे देश में तम्बाकू नियत्रंण कानून लागू किया गया है जिसके अनुसार अस्पताल, स्कूल, होटल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सिनेमा हाल व पार्क आदि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करता हुआ पाया जाता है तो उसको 200 रुपए अर्थदंड का प्रावधान है। इस मौके पर बुटा सिंह, विजयपाल, बलविन्द्र सिंह, हरपाल सिंह, रागेश जैन, विजय भांभू, रोहताश, अजीत सिंह, प्रतीम सिंह, नील किरण शर्मा, सरोज बाला, कीर्ति बाला, प्रीतिजैन, सीमा, बलजीत कौर, विनोद सोनी सहित अन्य स्टॉफ सदस्य मौजूद थे।