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17 February 2011

विधार्थियों को गुणवत्ता की शिक्षा दें : युद्धबीर सिंह ख्यालिया

ऐलनाबाद, 17 फरवरी। उपायुक्त श्री युद्धबीर सिंह ख्यालिया ने अध्यापकों का आह्वान किया कि वे व्यवसायिक दृष्टिकोण अपना कर विधार्थियों को गुणवत्ता की शिक्षा दें ताकि विधार्थी भविष्य में आने वाली राष्ट्र की जिम्मेवारियों को पूरी तरह से निभा सकें। श्री   ख्यालिया आज स्थानीय खंड विकास एंव पंचायत कार्यालय में प्राध्यापकों व स्कूल अध्यापकों को गुणवत्ता की शिक्षा के टिप्स दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को चाहिए कि वे अपनी उर्जा का स्तर और उंचा करने के लिए प्रतिदिन अध्यनरत्त रहें।
 श्री ख्यालिया ने कहा कि राष्ट्र व समाज निर्माण में अध्यापक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इस लिए उन्हें यह जिम्मेवारी प्रतिवद्धता के साथ निमभानी होगी तभी समाज में और अधिक सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि अध्यापकों को अपने घर के साथ साथ  स्कूल कक्षाओं में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाना होगा, जिससे विधाॢथयों को अध्यापक गुणवत्ता की शिक्षा दे पाएंगे।
उपायुक्त ने कहा कि अध्यापक वर्ग में राष्ट्र निर्माण व समाज की संरचना की वह ताकत है, जिस का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए तो समाज में सकारात्मक बदलाव शतप्रतिशत संभव है, इस के लिए अध्यापकों को अपने जीवन शैली में प्रतिवद्धता की भावना का समावेश करना होगा। उन्होंने कहा कि अध्यापक स्कूल कक्षा में केवल ओर केवल विद्यार्थियों की शिक्षा पर फोक्स रखना होगा और विद्यार्थियों  के साथ मैत्रीपूर्ण भावना कायम कर के उन्हें और अधिक सीखने की भावना के लिए प्रेरित करना होगा।
 श्री ख्यालिया ने अध्यापक वर्ग से अपील भी की कि वे अपने अंदर समाहित गुणों को अधिक से अधिक विकसित करें, जिससे समाज और उनके छात्रों को लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अध्यापकों के साथ साथ हर व्यक्ति अपने व्यवसाय को आंन्नद की भावना से करें तो थकावट उनके आसपास भी नहीं फटक सकती, इस से प्रत्येक व्यक्ति का उर्जा स्तर स्वत: ही उंचा होगा। उन्होंने अध्यापकों को क्लास रुप के अच्छे माहौल के लिए विभिन्न बिंदूओं की भी चर्चा की।
  श्री ख्यालिया ने अपनी प्रतिवद्धता का रक्तदान से संबंधित सिरसा जिला का उदहारण देते हुए कहा कि कहा कि सिरसा जिला में प्रतिवर्ष 14 हजार रक्त युनिटों की जरुरत है, जबकि जिला में 44 हजार रक्त युनिटों का स्वेच्छा से संग्रह हो रहा है, यह कार्य केवल उनकी प्रतिवद्धता से ही हो पाया है, इसी प्रकार से स्वच्छता और मनरेगा के क्रियान्वयन में भी जिला का नाम अन्तर्राट्रीय और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। यह कार्य प्रतिवद्धता से की गई भावना के बदौलत ही हो पाया है, इस लिए विशेष रुप से अध्यापक वर्ग को चाहिए की वे अपने विभाग, संस्था व अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिवद्धता से कार्य करें। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी ना. रुप सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सतेंद्र सिवाच के अलावा अध्यापक व प्राध्यापक उपस्थित थे।    
     

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