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15 January 2011

अग्रवाल वैश्य समाज के गठन का एक वर्ष पूरा होने पर स्थापना दिवस समारोह का आयोजन 16 जनवरी को


रानियां, :  
    अग्रवाल वैश्य समाज नामक संगठन अपने गठन का एक वर्ष पूरा होने पर 16 जनवरी को सिरसा के श्री रामसभागार, जनता भवन में स्थापना दिवस समारोह का आयोजन कर रहा है। समारोह की पूर्व संध्या पर संस्था के संस्थापक एंव राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने एक विशेष भेंटवार्ता में बीते साल के दौरान संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला व आगामी योजना व नीति का भी खुलासा किया।
    बुवानीवाला ने बताया कि एक वर्ष पहले जब अग्रवाल वैश्य समाज नामक संगठन का गठन किया था तब इस संगठन के सामने चुनौतियां कम नहीं थी, लेकिन अल्प अवधि में ही संगठन के बैनर तले एकत्रित हुए समाज के लोगों ने पूरे प्रदेश में अपनी पहचान कायम की है। संगठन ने हर अग्रवाल परिवार से एक व्यक्ति को राजनीति में आने का आह्वान कर सबको चौंका दिया। अपने मिशन को शुरू कर संगठन के सामने चुनौती थी कि इस बात को पूरे समाज में कैसे फैलाया जाए और कैसे लोगों को इस बात के लिए मनाया जाए, क्योंकि अग्रवाल बिरादरी मूल रूप से व्यवसायिक गतिविधियों में है और वह अपने व्यापार को किसी भी रूप में प्रभावित नहीं होने देना चाहती। तब अग्रवाल वैश्य समाज ने प्रदेश भर में कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों का आयोजन कर लोगों को जागृत करने का काम किया। अपनी कार्यशालाओं और संगोष्ठियों की सफलता से उत्साहित अग्रवाल वैश्य समाज ने गांधी जयंती पर वैश्य संकल्प सम्मेलन कुरुक्षेत्र में करने का फैसला किया। यहां पर 25 हजार से ज्यादा अग्रवाल बिरादरी के लोगों को एकत्र कर अग्रवाल वैश्य समाज (एवीएस) ने यह संकेत दिया कि समाज में जागरूकता आ रही है। इस सम्मेलन में समाज की महिलाओं की भागेदारी सराहनीय रही और महिलाओं की भागेदारी से भी समाज के नेता उत्साहित थे।
    इससे पहले हरियाणा में हुए स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी अग्रवाल वैश्य समाज की मुहिम का साफ असर देखने को मिला। इस बार के चुनावों में पहले की तुलना में काफी ज्यादा संख्या में अग्रवाल बिरादरी के लोग चुनकर पंचायतों/नगरपालिकाओं/नगरपरिषदों/नगरनिगमों में पहुंचे। इनमें से अनेक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष भी चुने गए। कुछ ऐसे भी स्थान बने जहां अग्रवाल बिरादरी के सदस्य ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर काबिज हो गए। यह अग्रवाल वैश्य समाज की मुहिम का ही परिणाम था कि बिरादरी के लोगों ने बड़ी संख्या में चुनाव में न केवल उम्मीदवार के रूप में भागेदारी की बल्कि मतदान में भी काफी अच्छी तादाद में भाग लेकर इस बात को साबित करने का काम किया कि अब वे राजनीति में सक्रिय होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। निश्चित तौर पर यह स्थिति अग्रवाल समाज को आगे लाने के लिए जरूरी है। एक समय था जब हरियाणा में डेढ़ दर्जन से ज्यादा विधायक इस बिरादरी के होते थे, लेकिन आज आधा दर्जन भी इनकी संख्या नहीं रही है।
    बुवानीवाला ने बताया कि अग्रवाल वैश्य समाज ने बीते वर्ष के आखिरी दिनों में एक नया इतिहास रचने का काम किया। पहली बार सरकार ने किसी अग्रवाल बिरादरी के व्यक्ति की हत्या पर उसके परिजनों को दस लाख रुपए की मदद दी साथ ही एक नौकरी में भी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। निश्चित तौर पर ये सब कुछ अग्रवाल वैश्य समाज की नई सोच का ही परिणाम है। उन्होंन संगठन की आगामी योजना का खुलासा करते हुए बताया कि  अग्रवाल वैश्य समाज ने करनाल में एक संस्थान स्थापित करने का संकल्प किया है। जिसमें अग्रवाल राजनेताओं की पौध तैयार की जाएगी और समाज के प्रत्येक परिवार का एक व्यक्ति राजनीति में सक्रिय भाग लेगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी समय में अग्रवाल समाज की प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका होगी।

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