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29 January 2011

ओटू हैड झील की खुदाई पर अब 107 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे

सिरसा, 29 जनवरी। सिरसा जिला की ओटू हैड झील की खुदाई पर अब 107 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जबकि पहले यह योजना 70 करोड़ रुपए की लागत की थी, अब इस झील की गहराई चार फीट तक की जाएगी जिससे जिला के तीन दर्जन से भी अधिक गांव के किसानों की 25 हजार एकड़ भूमि को सिंचाई की सुविधा मिल पाएगी।
    यह बात सिरसा के सांसद डा. अशोक तंवर ने आज स्थानीय नटार गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर श्री तंवर ने नटार गांव में विभिन्न विकास कार्यों हेतु 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। श्री तंवर ने आज नटार के अलावा शहीदांवाली, मोडिय़ाखेड़ा, चौबुर्जा व  धिंगतानियां गांव में जनसभा को संबोधित किया और लोगों की समस्या सुनी। उन्होंने कहा कि सिरसा जिला को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई परियोजनाएं तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पूर्व ओटू झील की खुदाई का कार्य शुरु किया गया था, तब राज्य सरकार द्वारा खुदाई के लिए 70 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया गया था जिससे अभी तक दो चरणों की खुदाई का कार्य पूरा किया गया है। इससे पूर्व इस परियोजना की लागत को बढ़ाकर राज्य सरकार द्वारा 107 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इस तरह से ओटू वीयर की झील में अब और अधिक पानी को अधिक स्टोर किया जा सकेगा जिससे जिला के किसानों को 90 दिन तक सिंचाई की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि घग्घर नदी में बोरवेल भी बनाए जाएंगे जिससे वाटर रिचार्च तो होगा ही साथ ही नदी के आसपास पडऩी वाली भूमि को सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि घग्घर नदी के जल को पूरी तरह प्रदूषण रहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मामला केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड को भेजा गया है जिसकी शीघ्र ही स्वीकृति मिलने की संभावना है। इसके बाद घग्घर नदी के जल प्रदूषण की समस्या का समाधान होगा।
    उन्होंने कहा कि 18 करोड़ रुपए की राशि रंगोई खरीफ चैनल को मजबूत कर  उसकी क्षमता बढ़ाने पर भी खर्च किए जाएंगे। इसके साथ-साथ राज्य के क्षेत्र में बहने वाली घग्घर नदी के तटबंधों को मजबूत और विभिन्न स्थानों पर रिंग बंध बनाए जाएंगे। इस प्रकार से सिरसा जिला में सिंचाई परियोजनाओं पर 250 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि खर्च की जाएगी जिसमें से लगभग 135 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले आठ खरीफ चैनलों और माइनरों की स्वीकृति मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान कर दी गई है।
    श्री तंवर ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 36 बिरादरी के कल्याण के लिए योजनाएं लागू की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों, अनुसूचित जाति और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले सभी वर्गों के लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा संबंधी सुविधाओं पर विशेष बल दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हितों को मद्देनजर रखते हुए जो भूमि अधिग्रहण नीति तैयार की गई है वह देश में श्रेष्ठ है, फिर भी सरकार का प्रयास है कि किसानों की भूमि अधिग्रहण में ज्यादा से ज्यादा लाभ किसानों का मिले।
    इस मौके पर जिला कांग्रेस प्रधान श्री मलकीत सिंह खोसा, नवीन केडिय़ा, लादूराम पुनिया, मास्टर सूबे सिंह, सुरेंद्र दलाल, सरपंच रणजीत सिंह व उनके निजी सचिव परमवीर सिंह अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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